निर्वाचन अधिकारियों को जमीनी स्तर पर बूथ-स्तरीय कार्य में तेजी लाने को कहा गया है।
अब इसे “भारत विस्तार” के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की योजना है।