जनता से सवाल करते हुए उन्होंने लिखा, “हम कब तक चुप रहेंगे? अब परिवर्तन अनिवार्य है।”
Read More »
उन्होंने भावुक होकर कहा कि एक सच्चे मित्र और कुशल प्रशासक को खोना महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है और यह दुख कभी कम नहीं होगा।
Read More »