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Gudi Padwa: परंपरा,आस्था और नए साल का भव्य आगाज़

Gudi Padwa: Tradition, Faith, and a Grand Commencement of the New Year

नवी मुंबई/सान्वी देशपांडे : महाराष्ट्र सहित पूरे देश में हिंदू नववर्ष के प्रतीक गुड़ी पड़वा का पर्व आज पूरे हर्षोल्लास, पारंपरिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर शालिवाहन शक 1948 और विक्रम संवत 2083 का विधिवत शुभारंभ हुआ। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी, वहीं महान राजा शालिवाहन ने शकों पर विजय प्राप्त कर प्रजा को अत्याचारों से मुक्त कराया था—जिसकी स्मृति में यह पर्व विजय और नवआरंभ का प्रतीक माना जाता है।

गुड़ी को ब्रह्मध्वज का प्रतीक माना जाता है

सुबह से ही महाराष्ट्र के घरों में उत्सव का माहौल देखने को मिला। लोगों ने घरों के बाहर गुड़ी (विजय ध्वज) स्थापित कर, आम और नीम के पत्तों के तोरण से घरों को सजाया। महिलाएं पारंपरिक नौवारी साड़ी और पुरुष धोती-कुर्ता पहनकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। गुड़ी को ब्रह्मध्वज का प्रतीक माना जाता है, जो सुख-समृद्धि और विजय का संकेत देता है।

विभिन्न शहरों में निकाली भव्य शोभायात्राएं

राज्य के विभिन्न शहरों—मुंबई, ठाणे, नागपुर, पुणे—में भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। ढोल-ताशों की गूंज, लेज़ीम नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोगों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शोभायात्रा में शामिल हुए, वहीं ठाणे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोगों के साथ उत्सव में भाग लेकर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने राज्य की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को संजोने का संदेश दिया।

चैत्र नवरात्रि का हुआ शुभारंभ

गुड़ी पड़वा के साथ ही चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ हुआ। देशभर में भक्तों ने घरों और मंदिरों में घटस्थापना कर माता दुर्गा की पूजा आरंभ की। यह नौ दिन का पर्व शक्ति, साधना और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है।

भारतीय संस्कृति की जीवंतता, सामाजिक एकता और नए संकल्पों का प्रतीक

गुड़ी पड़वा न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की जीवंतता, सामाजिक एकता और नए संकल्पों का भी प्रतीक है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर नए उत्साह के साथ जीवन की शुरुआत करते हैं। पूरे देश में गुड़ी पड़वा का यह पर्व परंपरा, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम लेकर आया। यह दिन न केवल नववर्ष की शुरुआत है, बल्कि हर व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद, ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश भी देता है।

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