पनवेल भाताण में जमीन ट्रांसफर पर ग्रामीण आक्रोश
Villagers Outraged Over Land Transfer in Panvel's Bhatan
पनवेल/तुषार पाटील : पनवेल तालुका के भाताण ग्राम पंचायत क्षेत्र में अखारीपाट ज़मीन का मामला अब गंभीर राजनीतिक और सामाजिक विवाद बनता जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा 19 मई 2026 को लिए गए कैबिनेट फैसले के तहत करीब 15 एकड़ जमीन रीतानंद बलवेद एजुकेशन फाउंडेशन (एमिटी यूनिवर्सिटी) को देने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद गांव वालों में भारी नाराज़गी है। बताया जा रहा है कि इस जमीन में सर्वे नंबर 8/0, 9/2, 10/3, 13/5, 14/0, 167/1, 178/0 और 182/4 शामिल हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इन जमीनों पर वर्षों से स्थानीय किसान खेती कर रहे हैं और बिना ग्रामसभा की सहमति के जमीन ट्रांसफर करना गांव के अधिकारों पर हमला है।

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इस विवाद ने तब नया मोड़ ले लिया जब वर्ष 2010 का एक कथित पत्र सामने आया। दावा है कि ग्राम पंचायत के लेटरहेड पर जारी इस पत्र में सर्वे नंबर 167/1, 178/0 और 182/4 की जमीन देने में मदद का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, इस पत्र पर इनवर्ड-आउटवर्ड नंबर नहीं होने और सरकारी रिकॉर्ड में इसकी पुष्टि नहीं मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। साथ ही, भाटन से भाटनपाड़ा जाने वाली सड़क की कथित NOC भी विवादों में घिर गई है। गांव वालों का आरोप है कि महत्वपूर्ण फैसले जनता से छिपाकर लिए गए। अब भाटन में आंदोलन की तैयारी तेज हो गई है। ग्रामीण सरकार के फैसले के खिलाफ एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं और आने वाले दिनों में बड़े जनआंदोलन की संभावना जताई जा रही है।



