कारगिल विजय दिवस: ऑपरेशन विजय की गौरव गाथा
Kargil Vijay Diwas: The Glorious Saga of Operation Vijay
नवी मुंबई/सान्वी देशपांडे : आज 27वां कारगिल विजय दिवस पूरे सम्मान और गर्व के साथ मना रहा है। यह दिन वर्ष 1999 में भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन विजय के तहत पाकिस्तान पर हासिल की गई ऐतिहासिक जीत और मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और समर्पण को नमन करने का अवसर है। देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।
कारगिल विजय दिवस भारत के सैन्य इतिहास के सबसे गौरवशाली अध्यायों में से एक का प्रतीक है। वर्ष 1999 में पाकिस्तान समर्थित सैनिकों और घुसपैठियों ने जम्मू-कश्मीर के कारगिल क्षेत्र की कई रणनीतिक ऊंचाइयों पर अवैध कब्जा कर लिया था। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय शुरू किया और कठिन पर्वतीय परिस्थितियों, दुर्गम इलाकों तथा दुश्मन की भारी गोलीबारी के बीच असाधारण साहस का परिचय देते हुए सभी महत्वपूर्ण चोटियों को दोबारा अपने नियंत्रण में लिया।
करीब दो महीने तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना के सैकड़ों जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उनके अदम्य साहस और बलिदान के परिणामस्वरूप भारत ने न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा की, बल्कि पूरी दुनिया को भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता, अनुशासन और वीरता का परिचय भी कराया।
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द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में मुख्य समारोह
कारगिल विजय दिवस का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में आयोजित किया जा रहा है। यहां भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, शहीदों के परिजन, पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए जा रहे हैं और वीर सैनिकों की स्मृति में विशेष समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों, जिलों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि सभाएं, देशभक्ति कार्यक्रम, तिरंगा यात्राएं और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी कारगिल के वीरों को याद करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।
शौर्य और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक
कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत की संप्रभुता, राष्ट्रीय एकता और सैनिकों के अदम्य साहस का प्रतीक भी है। यह दिन प्रत्येक भारतीय को उन वीर सपूतों के त्याग और समर्पण की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
आज जब पूरा राष्ट्र कारगिल के वीरों को नमन कर रहा है, तब यह संकल्प भी दोहराया जा रहा है कि देश की सुरक्षा, अखंडता और सम्मान के लिए उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखा जाएगा। कारगिल विजय दिवस प्रत्येक भारतीय को राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है।



