CJP आंदोलन सफल, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
CJP Movement Succeeds; Dharmendra Pradhan Resigns
नवी मुंबई/सान्वी देशपांडे : NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में शुरू हुआ छात्र आंदोलन आखिरकार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया। CJP के नेतृत्व में चल रहे जंतर-मंतर आंदोलन, देशव्यापी छात्र प्रदर्शनों और केंद्र सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता के बाद संगठन ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी है। इस बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। उनके स्थान पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

NEET पेपर लीक से शुरू हुआ राष्ट्रीय आंदोलन
देशभर में NEET-UG पेपर लीक को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर CJP ने राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की शुरुआत की। जंतर-मंतर पर धरना, विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन और सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से यह आंदोलन तेजी से राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया। बड़ी संख्या में Gen-Z छात्रों ने इस आंदोलन में भाग लिया। कई राज्यों से छात्र दिल्ली पहुंचे और विभिन्न छात्र संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।
CJP की प्रमुख मांगें
आंदोलन के दौरान CJP ने केंद्र सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त और स्थायी व्यवस्था, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेना तथा भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग प्रमुख रही।
सोनम वानचुक का समर्थन
आंदोलन को उस समय और बल मिला जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वानचुक ने छात्रों के समर्थन में 26 दिनों का अनशन किया। उनके समर्थन के बाद आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और जनसमर्थन मिला।
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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तनाव की स्थिति भी बनी। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए गए।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार
आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी। सरकार ने उनका इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। प्रल्हाद जोशी पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं।
अभिजीत दीपके ने मनाई जीत
आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया। इस दौरान CJP के नेता अभिजीत दीपके ने कहा, “कौन कह रहा था कि इस एडमिनिस्ट्रेशन में इस्तीफे नहीं होते। जुकती है दुनिया, झुकने वाला चाहिए।” उनके संबोधन के दौरान समर्थकों ने नारे लगाए और आंदोलन की सफलता का उत्सव मनाया।
सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की वार्ता
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ तीसरे दौर की विस्तृत बैठक की। बैठक में परीक्षा सुधार, पेपर लीक रोकने के उपाय, छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। संयुक्त प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार ने CJP की कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। यदि किसी प्रदर्शनकारी के खिलाफ पहले से कोई एफआईआर दर्ज है तो उसे वापस लिया जाएगा तथा संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा सुधारों को लेकर CJP द्वारा दिए गए पांच सूत्रीय सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों के संबंध में पूछे गए सवाल पर जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार की पूरी संवेदना प्रभावित परिवारों के साथ है और नियमों के अनुसार अधिकतम संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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CJP ने आंदोलन वापस लिया
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार के साथ सहमति बनने के बाद संगठन ने आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार तय समयसीमा के भीतर सभी सहमत बिंदुओं को लागू करेगी और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार करेगी।
प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है। उन्हें उनके वर्तमान मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रल्हाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। सरकार का मानना है कि उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ शिक्षा मंत्रालय को भी मिलेगा।
यह आंदोलन देश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हुए प्रमुख आंदोलनों में से एक माना जा रहा है। अब देशभर के छात्रों और शिक्षा जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार परीक्षा सुधारों और पेपर लीक रोकने के लिए घोषित उपायों को किस समयसीमा में लागू करती है।



