नैतिक शासन लोकतंत्र की मजबूत नींव: उपराष्ट्रपति
Ethical Governance: The Strong Foundation of Democracy – Vice President
दिल्ली/प्रतिनिधि : उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय द्वारा संपादित पुस्तक “व्हेन ऑडिट मैटर्स: सीएजी इंटरवेंशन्स दैट मेड ए डिफरेंस” का विमोचन किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि लेखापरीक्षा लोकतंत्र को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, जो यह सुनिश्चित करती है कि सार्वजनिक धन का उपयोग कानून, दक्षता और निष्पक्षता के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि ऑडिट केवल सरकारी प्रणालियों की कमियों को दूर करने में मदद नहीं करता, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत बनाता है।.
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उपराष्ट्रपति ने सार्वजनिक जीवन में नैतिकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि नैतिक शासन ही लोक प्रशासन का आधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में जवाबदेही और राजधर्म की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और संविधान ने इसे संस्थागत रूप दिया है। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र में वित्तीय जवाबदेही और लोक लेखा समितियों की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया।



