
Panvel महासभा में सत्ता और विपक्ष आमने-सामने
Ruling and Opposition Camps Face Off at Panvel General Assembly
पनवेल/तुषार पाटील : पनवेल महानगरपालिका की महासभा सोमवार को भारी हंगामे और सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी बहस के कारण चर्चा में रही। शिवसेना (UBT) की गटनेता और पूर्व भाजपा नगरसेविका लीना गरड के निलंबन को लेकर सदन में जमकर बवाल हुआ। बैठक के दौरान भाजपा सदस्यों द्वारा लीना गरड की पुरानी राजनीतिक पृष्ठभूमि और पार्टी विरोधी गतिविधियों का मुद्दा उठाया गया। इसी बात को लेकर भाजपा और शिवसेना (UBT) के नगरसेवकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल इतना गरमा गया कि सभागार में जोरदार घोषणाबाजी होने लगी।
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि लीना गरड ने प्रशासनिक कामकाज और निविदा प्रक्रियाओं में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। खासतौर पर कळंबोली गेट पंप परियोजना और अन्य टेंडर प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर गरड द्वारा उठाए गए सवालों से सत्ताधारी पक्ष नाराज था। हंगामे के कारण महापौर को कुछ समय के लिए सभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों पर चर्चा प्रभावित हुई।
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लीना गरड ने कहा कि वह जनता के मुद्दों और संपत्ति कर से जुड़े मामलों पर अपनी लड़ाई अदालत और सदन दोनों जगह जारी रखेंगी। वहीं भाजपा ने कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुसार है।



