
Mandatai Mhatre के नेतृत्व में दिवाले गांव का कायाकल्प
The Transformation of Diwale Village Under the Leadership of Mandatai Mhatre
नवी मुंबई/सान्वी देशपांडे : नवी मुंबई के बेलापुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दिवाले गांव ने “स्मार्ट विलेज” पहल के तहत विकास की नई मिसाल कायम की है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट विलेज कॉन्सेप्ट और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की विलेज एडॉप्शन स्कीम के तहत विधायक मंदाताई म्हात्रे द्वारा इस गांव को गोद लिया गया था। महज तीन वर्षों में दिवाले गांव में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। मछुआरों की पारंपरिक पहचान वाले इस गांव में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, स्वच्छता, जल आपूर्ति और इंफ्रास्ट्रक्चर में व्यापक सुधार हुआ है। इसी के चलते दिवाले गांव को नवी मुंबई का पहला “स्मार्ट विलेज” बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।
इस दौरान बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी नीलेश म्हात्रे ने गांव में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण कर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दिवाले गांव स्मार्ट विलेज अवधारणा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां लोगों के जीवन स्तर में स्पष्ट सुधार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि विधायक मंदाताई म्हात्रे के नेतृत्व में बेलापुर क्षेत्र में विकास की गति लगातार बढ़ रही है। बीजेपी सरकार का उद्देश्य गांव और शहर के बीच की दूरी को कम करना और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इस मौके पर कई सामाजिक कार्यकर्ता, मछुआरा संघों के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। दिवाले गांव आज विकास और प्रगति का प्रतीक बनकर उभरा है।



