
Navi Mumbai में सत्ता के बाद भी अंदरूनी संघर्ष
Internal Strife Continues in Navi Mumbai Despite Regaining Power
नवी मुंबई/प्रतिनिधि : नवी मुंबई महानगरपालिका में सत्ता मिलने के बावजूद बीजेपी की बड़ी जीत का सपना अधूरारह जाने के बाद वनमंत्री गणेश नाईक ने भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। गणेश नाईक ने मंज़ूर कॉर्पोरेटर और ट्रांसपोर्ट कमिटी मेंबर के पदों पर पुराने और भरोसेमंद चेहरों को मौका देकर संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। ऐरोली से अपर्णा गवते , तलवली से लक्ष्मीकांत पाटिल, तुर्भे से अमित मेढकर और वाशी से भरत नखाते जैसे नेताओं को आगे कर नाइक ने अपने गढ़ को फिर से मजबूत करने का संकेत दिया है। खास बात यह रही कि बेलापुर विधायक मंदा म्हात्रे के समर्थकों को इन पदों से दूर रखा गया।
25 उम्मीदवारों की अप्रत्याशित हार पर अफसोस-गणेश नाईक
महानगरपालिका चुनाव में BJP ने 65 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की, लेकिन डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना को मिली 42 सीटों ने राजनीतिक संतुलन बदल दिया। वाशी के एक कार्यक्रम में गणेश नाईक ने कहा कि पार्टी को 90 सीटें जीतनी चाहिए थीं और 25 उम्मीदवारों की अप्रत्याशित हार पर उन्होंने अफसोस भी जताया।
दीघा-तुर्भे-तलवली में सीधी सियासी टक्कर
ऐरोली क्षेत्र में शिंदे सेना की मजबूत वापसी हुई जहां 20 में से 16 सीटें उनके खाते में गईं। वहीं दीघा-चिंचपाड़ा इलाके में शिवसेना नेता विजय चौगुले के परिवार की जीत ने उनका प्रभाव बढ़ाया। इसके जवाब में गणेश नाईक ने दीघा से अपर्णा गवते और दिवा गांव से बंडू केनी को मौका दिया। तुर्भे में अमित मेढकर को उतारकर सुरेश कुलकर्णी को चुनौती दी गई, जबकि तलवली में लक्ष्मीकांत पाटिल के जरिए रमाकांत म्हात्रे को टक्कर देने की रणनीति बनाई गई। वाशी में भरत नखाते को आगे कर किशोर पाटकर के खिलाफ सियासी मुकाबला तय माना जा रहा है।
ट्रांसपोर्ट कमेटी के लिए BJP और शिंदे सेना के ने 12-12 उम्मीदवार
ट्रांसपोर्ट कमेटी के लिए BJP और शिंदे सेना दोनों ने 12-12 उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। नवी मुंबई की राजनीति अब अंदरूनी शक्ति प्रदर्शन के नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है।



