Family Planning और जनसंख्या अनुपात पर नई बहस
New Debate on Family Planning and Population Ratio

विशेष/प्रतिनिधि : देश में जनसंख्या संतुलन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। हाल ही में मोहन भागवत ने हिंदू समाज से कम-से-कम तीन संतानों का आह्वान किया, जिसके बाद जनसंख्या अनुपात पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएँ शुरू हो गईं। अनुमान के अनुसार भारत की आबादी लगभग 140 करोड़ है, जिसमें हिंदू 75-78 प्रतिशत और मुसलमान करीब 20 प्रतिशत बताए जाते हैं। हालांकि, वास्तविक आंकड़े आगामी जनगणना के बाद स्पष्ट होंगे।
सीमावर्ती राज्यों, विशेषकर पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में जनसंख्या वृद्धि और अवैध घुसपैठ को लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं। वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा उठाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार नियोजन, सामाजिक सुधार और बदलती जीवनशैली का असर सभी समुदायों की जन्मदर पर पड़ रहा है। जनसंख्या संतुलन का विषय अब सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।



