
महाराष्ट्र में बढ़ेगी पारंपरिक जैविक खेती की पहल
Traditional Organic Farming Initiatives to be Expanded in Maharashtra
मुंबई;प्रतिनिधी: महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि लगातार रसायनों के इस्तेमाल से उपजाऊ भूमि बंजर होती जा रही है और मिट्टी की प्राकृतिक सेहत को भारी नुकसान पहुंचा है। मोहाड़ी में आयोजित एक किसान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि रासायनिक खेती के कारण मिट्टी के सूक्ष्मजीव नष्ट हो गए हैं, जिससे भूमि की जल धारण क्षमता भी कम हुई है और इसके चलते स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर खतरे पैदा हो रहे हैं।
आचार्य देवव्रत ने कहा कि मिट्टी की उर्वरता को बहाल करने और किसानों की स्थायी आय सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक और पारंपरिक जैविक खेती ही अब एकमात्र प्रभावी विकल्प बचा है। उन्होंने कृषि विभाग और संबंधित संस्थानों से प्राकृतिक खेती तथा पशुपालन को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने की अपील की। गुजरात के दांग जिले का उदाहरण देते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र में भी जल्द ही पारंपरिक जैविक खेती को व्यापक रूप से अपनाया जाएगा।



