विकसित महाराष्ट्र की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री फडणवीस ने पेश किया ‘विजन 2047’
A big step towards developed Maharashtra: Chief Minister Fadnavis presented 'Vision 2047'
मुंबई/प्रतिनिधी: महाराष्ट्र को विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि ‘विजन डॉक्युमेंट 2047’ केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य की आगामी नीतियों के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत है। सोमवार, 8 सितंबर को सह्याद्री अतिथीगृह में आयोजित “विकसित महाराष्ट्र: व्हिजन 2047” की समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मुख्य सचिव राजेश कुमार, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव तथा सचिव उपस्थित थे। बैठक के दौरान राज्य के विविध महत्त्वपूर्ण क्षेत्र जैसे जलसंपदा, ऊर्जा, उच्च व तंत्र शिक्षण, शालेय शिक्षण, कौशल्य विकास, सामाजिक न्याय, उद्योग, सेवा, वित्त, आरोग्य, पर्यटन व माहिती तंत्रज्ञान से जुड़े विजन प्रेझेंटेशन प्रस्तुत किए गए।
“विजन का अर्थ है दिशा। दिशा स्पष्ट होनी चाहिए तभी लक्ष्य साध्य हो सकता है।”
~ मुख्यमंत्री फडणवीस
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्रस्तुतिकरण अत्यंत उत्कृष्ट रहा है और हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह डॉक्युमेंट आगामी 20-25 वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप प्रदान करेगा। इसे केवल कागज़ों तक सीमित न रखकर जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करना होगा।अगर आने वाले 5 वर्षों तक हम इस दिशा में लगातार कार्य करें, तो निश्चित ही 2047 तक विकसित महाराष्ट्र का सपना साकार हो सकता है। यह आराखड़ा देश का सर्वोत्तम व्हिजन डॉक्युमेंट बनेगा। राज्य के लिए सहकार क्षेत्र (Cooperative Sector) अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आईटी (Information Technology) का प्रशासन में अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए ताकि शासन पारदर्शक और गतिशील बने। भारत नेट रिंग को शीघ्र विकसित किया जाना चाहिए ताकि डिजिटल कनेक्टिविटी हर कोने तक पहुंचे। साइबर सुरक्षा के लिहाज से राज्य को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से साझेदारी करनी चाहिए, जिससे वैश्विक मानकों के अनुसार तंत्र तैयार हो सके। 2047 भारत की आज़ादी के 100 वर्ष पूर्ण होने का वर्ष होगा। इस ऐतिहासिक वर्ष को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार राज्य को विकसित बनाने का दीर्घकालीन खाका तैयार कर रही है। इस दस्तावेज़ के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में सुधार, प्रौद्योगिकी का समावेश, शिक्षण व उद्योग में नवाचार, स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण, और समावेशी विकास पर विशेष ज़ोर रहेगा।
बैठक में जिन क्षेत्रों का विजन प्रस्तुत किया गया, उनमें प्रमुख रूप से जलसंपदा व ऊर्जा: जल प्रबंधन, जलशुद्धीकरण, अक्षय ऊर्जा स्रोतों का विकास, शिक्षा व कौशल्य विकास: डिजिटल क्लासरूम्स, AI आधारित शिक्षण प्रणाली, व्यावसायिक प्रशिक्षण, सामाजिक न्याय व आरोग्य: कमजोर वर्गों को न्याय, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का सशक्तिकरण, उद्योग व सेवा क्षेत्र: MSME के लिए अनुकूल नीतियाँ, विदेशी निवेश को आकर्षित करना, पर्यटन व IT: स्मार्ट टुरिज़म, ई-गवर्नन्स, सायबर सुरक्षा शामिल हैं
मुख्यमंत्री फडणवीस की अगुवाई में महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘विजन 2047’ कोई सामान्य योजना नहीं, बल्कि यह राज्य के हर नागरिक को विकास के केंद्र में लाने वाली दूरदृष्टिपूर्ण रणनीति है। अब देखना यह होगा कि इस विजन को नीति, क्रियान्वयन और परिणाम के धरातल पर किस प्रकार उतारा जाता है।




