देश को मिलेगा नया उपराष्ट्रपति: आज संसद में होगा मतदान, शाम तक घोषित होंगे नतीजे
The country will get a new Vice President: Voting will take place in Parliament today, results will be declared by evening
नई दिल्ली/प्रतिनिधी: देश को आज नया उपराष्ट्रपति मिलने जा रहा है। मंगलवार, 9 सितंबर को होने वाली इस चुनाव प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले मतदाता के रूप में मतदान करेंगे। यह मतदान संसद भवन में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा और मतगणना शाम 6 बजे शुरू होगी। उसी शाम देश को नया उपराष्ट्रपति मिल जाएगा।
भाजपा और कांग्रेस गठबंधनों के उम्मीदवार आमने-सामने
इस बार के उपराष्ट्रपति पद के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता सी. पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है। राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी इस चुनाव के मुख्य निर्वाचन अधिकारी हैं। मतदान संसद भवन के वसुंधा कक्ष (F-101) में हो रहा है।
चुनाव की प्रक्रिया और मतदाताओं का स्वरूप
उपराष्ट्रपति पद का चुनाव अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote – STV) से कराया जाता है। यह एक गोपनीय मतदान होता है। इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित व नामांकित सभी सदस्य मतदान के पात्र होते हैं। इस वर्ष कुल 781 सांसद मतदान करेंगे (राज्यसभा में 5 और लोकसभा में 1 सीट फिलहाल रिक्त है)। मतपत्र पर सांसदों को अपने पसंदीदा उम्मीदवार को प्राथमिकता क्रम (1, 2…) में अंकित करना होता है। अगर किसी उम्मीदवार को पहले ही चरण में वैध मतों का 50% से अधिक समर्थन मिल जाता है, तो उसे विजेता घोषित किया जाता है। अन्यथा, सबसे कम प्राथमिकता वाले उम्मीदवार को हटा दिया जाता है और उसके मतों को दूसरे विकल्प के आधार पर अन्य उम्मीदवारों में स्थानांतरित किया जाता है। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कोई उम्मीदवार बहुमत प्राप्त नहीं कर लेता।
बहुमत का आंकड़ा और अनुपस्थित रहने वाले दल
इस चुनाव में मतदान के लिए 770 सांसद उपलब्ध हैं, क्योंकि बीजू जनता दल (BJD) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने मतदान में भाग न लेने का फैसला किया है।
- BJD ने कहा कि वह एनडीए और इंडिया दोनों से समान दूरी बनाए रखना चाहता है।
- BRS ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में NOTA (None of the Above) विकल्प न होने के कारण वह मतदान से दूर रहेगा।
770 उपलब्ध मतों में से बहुमत पाने के लिए 386 वोटों की आवश्यकता है।
राजनीतिक हलचलें और बैठकों का दौर
सोमवार को एनडीए खेमे में व्यापक तैयारी देखी गई। विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं ने एनडीए सांसदों को चुनाव प्रक्रिया की जानकारी दी और वोटिंग से जुड़ी तकनीकी बातों पर मार्गदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एनडीए संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया। एनडीए की ओर से केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू, राम मोहन नायडू, और शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे को चुनाव एजेंट नियुक्त किया गया है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष की रणनीति की परीक्षा
इस चुनाव को लेकर यह साफ है कि यह केवल एक संवैधानिक पद की लड़ाई नहीं है, बल्कि एनडीए बनाम इंडिया गठबंधन की ताकत की एक और परीक्षा भी है। उपराष्ट्रपति, जो राज्यसभा के सभापति का कार्य भी करते हैं, एक महत्वपूर्ण पद होता है और इसके जरिए संसद में सत्ता संतुलन में भी फर्क पड़ सकता है। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान के एक घंटे के भीतर, यानी शाम 6 बजे के बाद मतगणना शुरू होगी और उसी शाम नए उपराष्ट्रपति की घोषणा कर दी जाएगी। इस प्रकार, 9 सितंबर की शाम तक भारत को अपना 17वां उपराष्ट्रपति मिल जाएगा।
पृष्ठभूमि जानकारी: उपराष्ट्रपति का कार्यभार
भारत के उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है। वे राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कार्यवाहक राष्ट्रपति का कार्यभार भी संभालते हैं। इसके अतिरिक्त, वे राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं और उच्च सदन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस बार के उपराष्ट्रपति चुनाव में अनुभव और न्यायिक पृष्ठभूमि बनाम प्रशासनिक कौशल के बीच सीधा मुकाबला है। देशभर की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या एनडीए अपने संख्याबल के बल पर एक और संवैधानिक पद अपने नाम करेगा या विपक्ष एकजुटता से कोई चमत्कार दिखाएगा।




