
Elderly Population Alarming | CM देवेंद्र फडणवीस ने बुजुर्गों की बढ़ती संख्या पर जताई चिंता, बोले-इंतजाम जरूरी
Elderly Population Surge Alarming, Warns Maharashtra CM Devendra Fadnavis
रत्नागिरी/विशेष प्रतिनिधि: भारत में 60 फीसदी आबादी 27 साल के कम आयु की है, लेकिन भारत में जीवन की औसत आयु बढ़कर 50 से 72 वर्ष हो गई है. आने वाले समय में 85 वर्ष तक बढ़ने वाली है. यह जनसंख्या संरचना हर साल बदल रही है, और 2035 के बाद भारत में बुजुर्गों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने वाली है. यह चिंता राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त की है. मुख्यमंत्री रत्नागिरी जिले के मंडनगढ़ तहसील के गांव ताकेडे में एक वृद्धाश्रम के लोकार्पण अवसर पर बोल रहे थे. मिलन वृद्धाश्रम नामक इस ओल्ड एज होम की स्थापना हैबिटेट फॉर ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा की गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसका उद्घाटन करते हुए चिंता व्यक्त किया कि भारत में तेजी से बढ़ते बुजुर्गों की संख्या और उनके जीवन में पैदा होने वाली समस्याओें के समाधान का रास्ता अभी से खोजना होगा. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि’पहले भारत में वृद्धाश्रम की अवधारणा मौजूद नहीं थी क्योंकि परिवार व्यवस्था मजबूत थी; लेकिन अब परिवार छोटे हो गए हैं, साथ मिलकर रहने के संस्कार घट रहे हैं इस वजह से बड़े पैमाने पर वृद्धाश्रमों की जरूरत दिखने लगी है.
इस कार्यक्रम में सांसद सुनील तटकरे, राज्य मंत्री योगेश कदम, आशीष शेलार, प्रसाद लाड, कांग्रेस विधायक भाई जगताप, पद्मश्री दादा इदाते, डॉ. विनय नाटू, सूर्यकांत दलवी, डॉ. जलील पारकर और वृद्धाश्रम का निर्माण करने वाली श्रीमती शगुफ्ता पाराकर मौजूद थीं।’मिलन वृद्धाश्रम में कैसे हैं इंतजाम, जिसकी CM ने की सराहना
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मिलन वृद्धाश्रम की स्थापना के लिए डॉ. जलील पारकर की सराहना की. सीएम ने कहा कि पारकर जैसे विशेषज्ञ चिकित्सक आगे आए और उन्होने इतना सुंदर वृद्धाश्रम स्थापित किया. ऐसे लोगों की वजह से ही हमारा समाज ठीक से चल रहा है. यहाँ का परिवेश सुंदर है.यहां आने वाले बुजुर्गों का परिवार न होने पर भी यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। शांति है, लेकिन अकेलापन नहीं है। यह वृद्धाश्रम है, लेकिन निराशा नहीं है। यहां उम्मीद का माहौल है। यहां बाग-बगीचे और फूलों के पेड़ उगाए गए हैं। यहां नदी है। बुजुर्गों को यहां मानसिक शांति मिलेगी। साथ ही यहां के बुजुर्गों का जीवन इस प्रकृति के कारण पांच से दस साल बढ़ जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ.जलील पारकर ने सरकार से कोई मदद मांगे बिना यह सब बनाया है, लेकिन भविष्य में कभी भी आपको मदद की जरूरत पड़े तो आप हमें तुरंत बताएं। हम भी इस अच्छे काम के लिए एक फूल या एक पंखुड़ी से आपकी मदद जरूर करेंगे.



