84 Kosi Parikrama: अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा पूरी, 23 दिनों के बाद संत लौटे रामनगरी
84-Kosi Yatra Ends: Saints Back in Ramnagari After 23 Days

अयोध्याधाम/ विशेष प्रतिनिधि: रामनगरी अयोध्या से 12 अप्रैल को निकली 84 कोसी परिक्रमा रविवार को 23वें दिन वापस अयोध्या पहुंच गई । अबकी बार हजारों की संख्या में साधु-संतों ने 84 कोस की परिक्रमा पूरी की। 12 अप्रैल को अयोध्या से विश्व हिंदू परिषद के हनुमान मंडल दल के नेतृत्व में यह परिक्रमा शोभायात्रा के साथ रवाना हुई थी. 13 अप्रैल को मखौड़ा धाम से इसका आगे का क्रम शुरू हुआ जो 5 जिलों में होते हुए लगभग 265 किलोमीटर लंबी यात्रा पूरी कर संत और श्रद्धालु अयोध्या लौट आए. 84 कोस परिक्रमा के आयोजक सुरेंद्र सिंह और विश्व हिंदू परिषद के संत स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि रामकोट की परिक्रमा के साथ 84 कोस की यह परिक्रमा पूरी हो गई है .
हिंदुओं के लिए 84 कोसी परिक्रमा आखिर, खास क्यों है!

भगवान श्री कृष्ण से भी जुड़ी है कहानी
अयोध्या की तरह वृंदावन-ब्रज धाम में भी चौरासी कोस परिक्रमा की परंपरा है. ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा, भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली ब्रज क्षेत्र की परिक्रमा है. यह यात्रा ब्रज के अंदर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े स्थलों, सरोवरों, वनों, मंदिरों और कुंडों के दर्शन के लिए की जाती है. मान्यता है कि इस परिक्रमा से व्यक्ति को 84 लाख योनियों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह यात्रा ब्रज में भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.



