
Marathi Film Industry | मराठी को ताकत देने फिल्म जगत को उद्योग का दर्जा : मंत्री उदय सामंत
Marathi Film Industry gets industry status : Minister Uday Samant
मुंबई/विशेष प्रतिनिधिः महाराष्ट्र सरकार ने मराठी फिल्म इंडस्ट्री को उद्योग का दर्जा देने का निर्णय लिया है. इससे बॉलिवुड को औद्योगिक नीतियों और योजनाओं के अनुसार संचालित किया जा सकेगा. इससे पहले राज्य सरकार ने मत्स्य पालन को खेती का दर्जा प्रदान किया है. महाराष्ट्र के स्थापना दिवस के खास अवसर पर की गई ये प्रमुख घोषणाएं बहुत मायने रखती हैं. उद्योग मंत्री उदय सामंत ने रत्नागिरी में मीडिया के सवालों के जवाब में यह जानकारी दी. फिलहाल मुंबई में वेब्स परिषद चल रही है. उन्होंने कहा कि यह अवसर मराठी फिल्म उद्योग क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है. इस निर्णय से मराठी फिल्म जगत के छोटे उद्यमियों को सरकार नई ताकत देने वाली है. मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के बाद महाराष्ट्र सरकार का यह निर्णय मराठी फिल्म जगत के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है.उद्योग मंत्री ने मराठी भाषा का गौरव बढ़ाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया.
इस निर्णय से मराठी फिल्म जगत के छोटे उद्यमियों को सरकार नई ताकत देने वाली हैअब बॉलिवुड की तरह काम करेगी मराठी फिल्म इंडस्ट्री
उद्योगमंत्री ने कहा कि जब इसकी फाइल मेरे पास आई और तब मैंने इस निर्णय में देरी नहीं की। सरकार का मानना था कि हिंदी फिल्म उद्योग की तरह मराठी फिल्म उद्योग को भी उद्योग का दर्जा दिया जाना चाहिए। इसलिए हमने मराठी फिल्म उद्योग को भी उद्योग का दर्जा देने का निर्णय लिया है, उन्होने वेव्ज कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा कि यह विश्वस्तरीय कार्यक्रम था. महाराष्ट्र का अमृत कलश महाराष्ट्र में लाने वाले स्वर्गीय यशवंतराव चव्हाण ने भाषा विभाग भी बनाया है। मराठी साहित्य का हर भाषा में अनुवाद होना चाहिए और इसीलिए उन्होंने अनुवाद अकादमी की स्थापना की। महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र सरकार ने इस अनुवाद अकादमी को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। मराठी साहित्य का मराठी लिपि और हिंदी लिपि के साथ-साथ विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया जा सकेगा। अनुवाद करते समय लेखक को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।
बढ़ रहा मनोरंजन का दायरा, उद्योग दर्जा से मिलेगा फायदा
फिल्म और मनोरंजन क्षेत्र का नेटवर्क महाराष्ट्र में फैल रहा है और यह क्षेत्र कई लोगों को रोजगार और स्वरोजगार दिलाने में मदद करता है। इसलिए फिल्म और मनोरंजन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की लगातार मांग हो रही थी। अगर मनोरंजन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा मिल जाता है तो उसे भी छोटे और मध्यम उद्यमों की तरह ही प्रोत्साहन मिलेगा। फिल्म/मनोरंजन उद्योग का दायरा बहुत बड़ा है। इसमें मनोरंजन चैनल, डिजिटल मीडिया, लाइव इवेंट, एनिमेशन, आउट ऑफ होम मीडिया, सिनेमा, रेडियो समेत कई पहलू शामिल हैं। फिल्म (ओटीटी पर रिलीज होने वाली लघु फिल्में/मूवीज) और मनोरंजन क्षेत्र का काफी विस्तार हो चुका है और इस क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देना जरूरी था।



