राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी: सुप्रीम कोर्ट में आज 4 याचिकाओं पर होगी सुनवाई
Ram Mandir offering misappropriation: Supreme Court to hear 4 petitions today
अयोध्या: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान की रकम में कथित हेराफेरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज, 17 अगस्त को अहम सुनवाई होने जा रही है। अदालत में इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई होगी।

चार याचिकाओं में स्वतंत्र जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में मामले की कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने मौजूदा जांच व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय स्तर पर जांच की मांग रखी है। याचिकाओं में प्रमुख रूप से CBI के माध्यम से स्वतंत्र जांच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का CAG/फोरेंसिक ऑडिट और ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण वित्तीय एवं डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
ट्रस्ट के वित्तीय फैसलों पर रोक की भी मांग
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी आग्रह किया है कि जांच पूरी होने तक ट्रस्ट को बड़े वित्तीय फैसले लेने से रोका जाए। इसके साथ ही दान, चढ़ावे, बैंक लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की मांग की गई है। मामला केवल कथित नकदी हेराफेरी तक सीमित नहीं है, बल्कि याचिकाओं में मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की व्यापक मांग भी उठाई गई है।
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पहले भी सामने आईं जांच में गंभीर खामियां
इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित की थी। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में कथित तौर पर दान की रकम गिनने की प्रक्रिया में सुरक्षा संबंधी खामियों, कमजोर निगरानी और तय SOP के उल्लंघन जैसे मुद्दे सामने आए थे। रिपोर्ट के मुताबिक CCTV फुटेज में कथित तौर पर नकदी की हेराफेरी के कई मामले सामने आए। मामले में दान गिनने की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों की गिरफ्तारी की बात भी सामने आ चुकी है और जांच अभी जारी है।
सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिकी नजर
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले को लेकर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समेत संबंधित पक्षों से जवाब मांगा था। अब आज की सुनवाई में सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि सर्वोच्च अदालत स्वतंत्र जांच और वित्तीय ऑडिट की मांग पर क्या रुख अपनाती है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता, वित्तीय जवाबदेही और निष्पक्ष जांच का मुद्दा केंद्र में है। सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई पर देशभर की नजर रहेगी।
अगर सुप्रीम कोर्ट स्वतंत्र जांच या व्यापक वित्तीय ऑडिट के निर्देश देता है, तो इससे मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तृत जांच का रास्ता खुल सकता है। वहीं, अदालत मौजूदा SIT जांच की प्रगति और अब तक सामने आए तथ्यों को भी ध्यान में रख सकती है।



