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नागपंचमी-सावन सोमवार का महासंयोग, उज्जैन में नागचंद्रेश्वर के खुले पट

A rare convergence of Nag Panchami and a Shravan Monday; doors of the Nagchandreshwar temple in Ujjain opened.

उज्जैन: उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के अद्भुत संयोग से आस्था का महासंगम देखने को मिल रहा है। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल और भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे हैं। नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के मंदिर के पट साल में केवल एक बार खोले जाते हैं। रविवार मध्यरात्रि पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया, जो सोमवार रात तक जारी रहेगा।

साल में सिर्फ एक बार होते हैं नागचंद्रेश्वर के दर्शन

महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के दिन खोले जाते हैं। यही वजह है कि इस विशेष दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है। भगवान नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा को अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। प्रतिमा में भगवान शिव और माता पार्वती के साथ भगवान गणेश नाग के फन पर विराजमान हैं। नागपंचमी पर इस स्वरूप के दर्शन को धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

A grand confluence of faith at Ujjain's Mahakal temple; the doors of the Nagchandreshwar shrine opened—an event that takes place only once a year on Nag Panchami
A grand confluence of faith at Ujjain’s Mahakal temple; the doors of the Nagchandreshwar shrine opened—an event that takes place only once a year on Nag Panchami

रविवार को छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

नागपंचमी और सावन सोमवार के विशेष संयोग के चलते उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रविवार को ही छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। वहीं, सोमवार को करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर के साथ-साथ पूरे शहर में सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

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सुरक्षा और श्रद्धालु सुविधाओं पर विशेष जोर

नागपंचमी के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महाकाल की नगरी में नागपंचमी और सावन सोमवार के इस दुर्लभ धार्मिक संयोग ने पूरे उज्जैन को भक्तिमय बना दिया है। मंदिर परिसर से लेकर शहर की सड़कों तक श्रद्धालुओं की भीड़ और हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल आध्यात्मिक नजर आ रहा है।

श्रद्धालुओं के लिए खास बना नागपंचमी का पर्व

भगवान महाकाल के दर्शन के साथ साल में एक बार होने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन का अवसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नागपंचमी और सावन सोमवार के संयोग ने इस धार्मिक अवसर को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

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