शिव भक्ति में डूबा महाराष्ट्र! श्रावण सोमवार पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
Maharashtra immersed in devotion to Lord Shiva! A massive surge of devotees flocked to temples on the first Monday of Shravan.
नवी मुंबई/सान्वी देशपांडे : श्रावण महीने के पहले सोमवार के अवसर पर महाराष्ट्र के विभिन्न शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिरों में अभिषेक, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी है। भगवान शिव के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंच रहे हैं। त्र्यंबकेश्वर और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिरों सहित राज्य के प्रमुख शिवालयों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। श्रद्धालु भगवान शिव को जल, दूध, दही और शहद से अभिषेक कर रहे हैं। इसके साथ ही सफेद फूल, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव की आराधना की जा रही है।
पहले सोमवार को चावल चढ़ाने की परंपरा
श्रावण महीने के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव को मुट्ठी भर अनाज अर्पित करने की धार्मिक परंपरा है। पहले सोमवार को शिवलिंग पर चावल चढ़ाए जाते हैं। इसे सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भगवान शिव की विशेष पूजा कर रहे हैं। मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

नाग पंचमी पर भी आस्था का उत्साह
श्रावण के पहले सोमवार के साथ आज नाग पंचमी का पर्व भी मनाया जा रहा है। इसके चलते पूरे महाराष्ट्र में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल है। नाग पंचमी के अवसर पर महिलाएं नाग देवता और वारुळ (सांप की बांबी) की पूजा करती हैं। दूध और पारंपरिक प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और भाई की लंबी उम्र की कामना की जाती है।
यह भी पढ़िए : नागपंचमी-सावन सोमवार का महासंयोग, उज्जैन में नागचंद्रेश्वर के खुले पट
खेती-किसानी से जुड़ी है नाग पंचमी की परंपरा
नाग पंचमी का पर्व महाराष्ट्र की ग्रामीण और कृषि संस्कृति से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। इस दिन कई स्थानों पर किसान खेती-बाड़ी से जुड़े कार्यों और जमीन की खुदाई से परहेज करते हैं। नाग देवता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ ही यह पर्व प्रकृति, जीव-जंतुओं और कृषि संस्कृति के साथ मानव के पारंपरिक संबंध का संदेश देता है।
शिराळा समेत कई गांवों में धार्मिक आयोजन
नाग पंचमी के अवसर पर राज्य के शिराळा समेत अनेक गांवों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस तरह श्रावण के पहले सोमवार और नाग पंचमी का संयोग महाराष्ट्र में आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक उत्साह का अनोखा माहौल बना रहा है। शिव मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष और नाग देवता की पूजा के साथ श्रद्धालु श्रद्धा और उत्साह में डूबे नजर आ रहे हैं।



