भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु समझौते से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत
India-Australia Nuclear Agreement Strengthens Energy Security
दिल्ली/प्रतिनिधी : भारत ने ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। सरकार के अनुसार, देश में वर्तमान में सात परमाणु ऊर्जा केंद्रों पर कुल 24 परमाणु रिएक्टर संचालित हो रहे हैं, जिनकी स्थापित क्षमता 8.78 गीगावाट है। इसके अलावा 8,000 मेगावाट क्षमता वाली 10 नई परमाणु रिएक्टर इकाइयाँ निर्माणाधीन हैं। इनमें प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR), बॉइलिंग वाटर रिएक्टर (BWR) और लाइट वाटर रिएक्टर (LWR) शामिल हैं। भारत अपने अधिकांश परमाणु बिजली संयंत्रों में प्राकृतिक यूरेनियम ईंधन आधारित प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टरों का संचालन करता है। सरकार का कहना है कि परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का विस्तार देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
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इसी बीच, पिछले सप्ताह मेलबर्न में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में नागरिक परमाणु सहयोग समझौते के तहत प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। इस समझौते से ऑस्ट्रेलिया से भारत को दीर्घकालिक यूरेनियम निर्यात का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे भारतीय परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और भविष्य में परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को और मजबूत आधार मिलेगा।



