उपराष्ट्रपति ने किया “The Voice of Justice” का विमोचन
Vice President Unveils "The Voice of Justice"
दिल्ली/प्रतिनिधी : उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में “The Voice of Justice: Justice Gavai Speaks“ पुस्तक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती उसकी संस्थाओं पर निर्भर करती है और ये संस्थाएं न्याय, ईमानदारी, संवैधानिक अनुशासन तथा जनता के विश्वास से ही सशक्त बनती हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संविधान देश की लोकतांत्रिक स्थिरता और राष्ट्रीय एकता का आधार है। उन्होंने न्यायपालिका की निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण को लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने वकीलों से आह्वान किया कि वे समय-समय पर समाज के सबसे गरीब और वंचित लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराएं, ताकि न्याय सभी तक समान रूप से पहुंच सके।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने की। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में न्यायपालिका, विधि जगत और विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। पुस्तक में न्यायमूर्ति गवई के विचारों और न्यायिक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया गया है, जो न्याय व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।



