महाराष्ट्र में बारिश की कमी से खरीफ फसल संकट में
Kharif crop in crisis due to lack of rain in Maharashtra
मुंबई/सान्वी देशपांडे : महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से सामान्य से कम बारिश होने के कारण खरीफ सीजन पर गंभीर असर दिखाई देने लगा है। राज्य के कई जिलों में बुआई की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जबकि जिन क्षेत्रों में पहले ही बुआई पूरी हो चुकी है वहां मिट्टी में नमी की कमी से फसलों की वृद्धि प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार सोयाबीन, कपास, अरहर, मक्का और धान जैसी प्रमुख खरीफ फसलें सबसे अधिक प्रभावित हो सकती हैं। विदर्भ और मराठवाड़ा में वर्षा की कमी के कारण फसलों की ग्रोथ रुकने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं उत्तर और मध्य महाराष्ट्र के कई इलाकों में बीजों का अंकुरण भी संतोषजनक नहीं हुआ है, जिससे किसानों के सामने दोबारा बुआई की चुनौती खड़ी हो सकती है। कोंकण क्षेत्र में भी पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की खेती निर्धारित समय से पीछे चल रही है।
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मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश की तीव्रता कम रहने की संभावना है, जबकि अगले सप्ताह मानसून के दोबारा सक्रिय होने की उम्मीद जताई गई है। स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों से खेतों में नमी बनाए रखने, अनावश्यक जुताई से बचने तथा स्थानीय कृषि अधिकारियों और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार ही आगे की कृषि गतिविधियां करने की अपील की है।



