बड़े विधेयकों के साथ संपन्न हुआ महाराष्ट्र का मानसून अधिवेशन
Monsoon session of Maharashtra Assembly concludes, important bills approved
मुंबई/सान्वी देशपांडे : महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र 2026 राजनीतिक, आर्थिक और जनहित के मुद्दों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। लगभग तीन सप्ताह तक चले इस सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक, अनुपूरक बजट और विकास योजनाओं को सदन के सामने रखा, वहीं विपक्ष ने किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, महंगाई, जल संकट, आरक्षण, महिला सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरने का प्रयास किया। यह सत्र 22 जून से मुंबई स्थित विधान भवन में शुरू हुआ था।
विपक्ष के तेवर पहले दिन से ही आक्रामक
सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। कांग्रेस, शिवसेना (UBT), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) और अन्य विपक्षी दलों ने राज्य में किसानों की स्थिति, सूखे और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों, महंगाई, स्थानीय निकाय चुनाव, महिलाओं की सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष का आरोप था कि सरकार बड़े-बड़े विकास कार्यों का दावा कर रही है, लेकिन आम जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रखा सरकार का पक्ष
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, पश्चिम महाराष्ट्र और कोकण में बुनियादी ढांचे, सिंचाई, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े निवेश किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत है और विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा।
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महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम: महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक 2026

इस सत्र का सबसे चर्चित और ऐतिहासिक कानून “महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक, 2026” रहा, जिसे दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से पारित किया।
- इस कानून की प्रमुख विशेषताएं
- महिलाओं को पहली बार स्वतंत्र “किसान” के रूप में कानूनी मान्यता।
- महिला किसान प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।
- सरकारी कृषि योजनाओं में सीधे लाभ।
- बैंक ऋण और कृषि वित्त तक आसान पहुंच।
- महिला किसानों का राज्य स्तरीय डेटाबेस तैयार होगा।
- महिला किसान सशक्तिकरण परिषद और विशेष कोष का गठन।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कानून राज्य की लाखों महिला किसानों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
MHADA संशोधन विधेयक: 13 हजार पुरानी इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ
मानसून सत्र में पारित सबसे महत्वपूर्ण शहरी विकास कानूनों में MHADA Act की धारा 79A संशोधन विधेयक भी शामिल रहा।
इस संशोधन से क्या होगा?
- मुंबई की लगभग 13,000 जर्जर इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता खुलेगा।
- वर्षों से अटकी पुनर्विकास परियोजनाओं को कानूनी आधार मिलेगा।
- लाखों नागरिकों को सुरक्षित आवास मिलने की उम्मीद।
- मुंबई के शहरी पुनर्निर्माण को गति मिलेगी।
यह विधेयक दोनों सदनों से पारित हो चुका है और अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू होगा।
सहकारिता और भूमि प्रशासन में बड़े बदलाव
सरकार ने सहकारी क्षेत्र और भूमि प्रशासन को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कई संशोधन विधेयक पारित किए।
इनमें प्रमुख हैं—
- महाराष्ट्र सहकारी संस्था (संशोधन) विधेयक
- महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन)
- कृषि भूमि कानून, महाराष्ट्र (संशोधन)
सरकार का दावा है कि इन बदलावों से प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी तथा ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
स्थानीय निकायों और परिवहन से जुड़े कानून
मानसून सत्र के दौरान सरकार ने स्थानीय निकायों और परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई संशोधन भी पारित किए।
इनमें शामिल हैं—
- मुंबई महानगरपालिका (संशोधन) अधिनियम
- महाराष्ट्र मोटर वाहन कर (संशोधन)
- वन्यजीव संरक्षण (महाराष्ट्र संशोधन)
सरकार का कहना है कि इन कानूनों से शहरी प्रशासन और राजस्व व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
किसानों, बाढ़ और राहत पैकेज पर सरकार घिरी
मानसून सत्र में किसानों का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। विपक्ष ने बारिश की अनियमितता, फसल नुकसान, मुआवजा वितरण में देरी, बीमा दावों और कृषि संकट का मुद्दा उठाया। राज्य में भारी बारिश, बाढ़, जलभराव और आपदा प्रबंधन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज, फसल सर्वेक्षण और मुआवजा प्रक्रिया तेज की जा रही है तथा कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं पर काम जारी है और राहत कार्य, जल निकासी परियोजनाओं और भविष्य की तैयारियों की जानकारी दी।
बेरोजगारी और युवाओं के मुद्दे
युवाओं के रोजगार, सरकारी भर्तियों, कौशल विकास और उद्योग निवेश का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने भर्ती प्रक्रिया में देरी और रिक्त पदों को भरने की मांग की, जबकि सरकार ने नई औद्योगिक नीति और निवेश परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन का भरोसा दिलाया।
अनुपूरक बजट और विकास परियोजनाएं
सत्र के दौरान सरकार ने अनुपूरक बजट के माध्यम से सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलापूर्ति, शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों की जानकारी दी। सरकार ने मुंबई महानगर क्षेत्र, विदर्भ, मराठवाड़ा और कोकण में कई विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
मानसून सत्र की प्रमुख उपलब्धियां
- महिला किसान सशक्तिकरण कानून पारित
- MHADA संशोधन से 13,000 इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ
- सहकारिता और भूमि कानूनों में संशोधन
- स्थानीय निकायों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पारित
- किसानों, बाढ़ और रोजगार पर व्यापक चर्चा
- विकास परियोजनाओं और अनुपूरक बजट पर सरकार का फोकस
राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र 2026 केवल विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं और विपक्ष की जनहित आधारित राजनीति का भी महत्वपूर्ण मंच बना। एक ओर सरकार ने कानून निर्माण और विकास को अपनी उपलब्धि बताया, तो दूसरी ओर विपक्ष ने किसानों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास किया।
महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र 2026 कई महत्वपूर्ण कानूनों, तीखी राजनीतिक बहस और जनहित के मुद्दों के कारण याद रखा जाएगा। विशेष रूपसे महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक और MHADA संशोधन विधेयक इस सत्र की सबसे बड़ी विधायी उपलब्धियों में शामिल रहे। आने वाले महीनों में इन कानूनों के प्रभाव और सरकार द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन पर पूरे राज्य की नजर रहेगी



