संविधान हत्या दिवस: अधिकारों की रक्षा का संदेश
'Samvidhan Hatya Diwas' (Constitution Murder Day): A Message on Protecting Rights
दिल्ली/प्रतिनिधी : देशभर में आज संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस 25 जून 1975 को घोषित किए गए आपातकाल की याद दिलाता है, जब देश में नागरिक स्वतंत्रताओं, अभिव्यक्ति की आज़ादी और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ा था। इस अवसर पर उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है, जिन्होंने आपातकाल के दौरान दमन, उत्पीड़न, गिरफ्तारी और कठिन परिस्थितियों का सामना किया। विभिन्न राज्यों में संगोष्ठियों, विचार गोष्ठियों, प्रदर्शनी, परिचर्चाओं और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
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वक्ताओं ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों, मौलिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रमों में युवाओं से संविधान के प्रति जागरूक रहने तथा लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। आयोजकों का कहना है कि यह दिवस लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने और संविधान के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी को याद दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है।



