NMMC स्टैंडिंग कमेटी ने 44 प्रस्ताव किए मंजूर
44 Proposals Approved in the Standing Committee
सुधीर शर्मा | बेलापुर : Navi Mumbai Municipal Corporation की स्टैंडिंग कमेटी की आज हुई महत्वपूर्ण बैठक में कुल 44 प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। बैठक लंबी चली। हालांकि, सभी प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के बाद उन्हें पारित कर दिया गया। इसके अलावा, नागरिक सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे भी बैठक के केंद्र में रहे। बैठक में चेयरमैन Ashok Patil के समक्ष ऐरोली अस्पताल में सिंगल प्लेन कैथलैब स्थापित करने का प्रस्ताव प्रमुख रूप से रखा गया। वहीं, वाशी सार्वजनिक अस्पताल में MRI सेंटर के संचालन के लिए वित्तीय मंजूरी देने पर भी सहमति बनी।
तुर्भे डंपिंग ग्राउंड में हरियाली और पशु श्मशान का मुद्दा चर्चा में
बैठक में तुर्भे डंपिंग ग्राउंड में हरियाली बढ़ाने के लिए जलसिंचन व्यवस्था उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके साथ ही, मृत जानवरों के लिए श्मशान बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिस पर कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई। पूर्व महापौर Jaywant Sutar ने नवी मुंबई के उद्यानों में ओपन जिम, बेंच और खेल उपकरण उपलब्ध कराने के लिए ठेकेदार नियुक्त करने के प्रस्ताव पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले मौजूदा सुविधाओं का उचित मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसी दौरान, सभागार नेता Sagar Naik ने भी इन सुविधाओं की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े किए और बेहतर मॉनिटरिंग की मांग की।
नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन Ashok Patil ने सभी 44 प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए कहा कि इनका उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। “सभी 44 प्रस्तावों की मंजूरी मिल गई है। इन प्रस्तावों का उद्देश्य लोकनेता Ganesh Naik के विजन के अनुसार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना है। जिन मुद्दों पर आपत्तियां उठाई गई हैं, उनकी मॉनिटरिंग कर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।”
— अशोकभाऊ पाटिल, चेयरमैन, स्टैंडिंग कमेटी
शिवसेना नगरसेवक सुरेश कुलकर्णी ने जताई आपत्ति
दूसरी ओर, तुर्भे डंपिंग ग्राउंड में मृत जानवरों के लिए श्मशान बनाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए शिवसेना नगरसेवक Suresh Kulkarni ने कहा कि बिना उचित स्थान तय किए ऐसा प्रस्ताव लाना गलत है। उन्होंने कहा कि यदि डंपिंग ग्राउंड में बायोगैस सिस्टम और पशु श्मशान बनाया गया, तो इसका असर स्थानीय नागरिकों पर पड़ेगा। “यह मनमानी हम नहीं चलने देंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे।”



