
Vice President’s Message: विविधता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत
Diversity is India's Greatest Strength: Vice President
नागपुर/प्रतिनिधि : नागपुर में आयोजित भारतीय युवा संसद के 29वें राष्ट्रीय सत्र को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नागपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है, क्योंकि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जन्मभूमि है। संघ की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा यहीं की गई थी।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद एकता बनाए रखना ही भारत को विश्व में विशिष्ट पहचान दिलाता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों को समझें, जिम्मेदार नागरिक बनें और देश के विकास में योगदान दें।



