
MLC Vikrant Patil की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला
Government's Major Decision on MLA Vikrant Patil's Demand
पनवेल/तुषार पाटील : महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में पनवेल तालुका के किसानों की वर्षों पुरानी समस्या को लेकर विधायक विक्रांत पाटिल ने सदन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि 1970 में CIDCO की स्थापना के बाद पनवेल के कई गांवों की जमीनें बहुत कम कीमत पर अधिग्रहित की गई थीं और कई जमीनें आज भी नोटिफाइड स्थिति में अटकी हुई हैं। देविचा पाड़ा, घोट चाल, टोंडेरे, पाले खुर्द, पडघे, टेंभोड़े और वलवली जैसे गांवों के सैकड़ों किसान 55 वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। जमीनों पर लगे CIDCO के स्टाम्प के कारण किसान न तो विकास कार्य कर पा रहे हैं और न ही उचित मुआवजा मिल रहा है।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री उदय सामंत ने घोषणा की कि 450 हेक्टेयर से अधिक यानी लगभग 1100 एकड़ जमीन डी-नोटिफाई की जाएगी और शेष जमीन किसानों को उचित मुआवजा देकर अधिग्रहित की जाएगी। सरकार इस प्रक्रिया के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को समन्वयक भी नियुक्त करेगी। इस फैसले से किसानों में खुशी का माहौल है।



