
Third Mumbai: KSC में जमीन मालिकों की चिंता
Third Mumbai: Landowners' Concerns at KSC
नवी मुंबई/सान्वी देशपांडे : नवी मुंबई के बाद अब महाराष्ट्र में ‘थर्ड मुंबई’ और नए न्यू टाउन प्रोजेक्ट्स की चर्चा तेज हो गई है। रायगढ़ जिले के करनाला-साई-चिरनेर (KSC) क्षेत्र सहित CIDCO-MMRDA के प्रस्तावित शहरों को भविष्य का विकास इंजन माना जा रहा है। लेकिन विकास के साथ ज़मीन मालिकों के अधिकार सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि MRTP एक्ट 1966 प्लानिंग का ढांचा देता है, जबकि LARR 2013 किसानों को मुआवज़ा, पुनर्वास और सामाजिक प्रभाव आकलन का अधिकार सुनिश्चित करता है। वहीं 22.5% डेवलप्ड प्लॉट योजना लाभदायक होने के बावजूद लीज़ शर्तों के कारण विवादित बनी हुई है। टाउन प्लानिंग स्कीम (TPS) को संतुलित समाधान बताया जा रहा है, जिसमें जमीन मालिक को विकसित जमीन वापस मिलती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि उन्हें कैश मुआवज़ा या जमीन—दोनों में से विकल्प दिया जाए, प्लॉट फ्रीहोल्ड हों और रोजगार में स्थानीय आरक्षण मिले। विशेषज्ञों का मत है कि न्यायपूर्ण भागीदारी के बिना कोई भी नया शहर “स्मार्ट” नहीं बन सकता।



