
NMMC ने बनाई शिक्षण मंडल कंपनी
NMMC Forms Shikshan Mandal Company
नवी मुंबई/सान्वी देशपांडे : Navi Mumbai Municipal Corporation (एनएमएमसी) के शिक्षण मंडल को अब कंपनी एक्ट के सेक्शन 8 के तहत पंजीकृत कर संचालित किया जाएगा। सत्तारूढ़ बीजेपी ने मनपा की पहली महासभा में यह प्रस्ताव मंजूर कराया। दावा किया गया है कि कंपनी संरचना अपनाने से मनपा स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, सुलभता और संसाधनों में वृद्धि होगी तथा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से अतिरिक्त फंड जुटाने में मदद मिलेगी।
अब तक शिक्षण मंडल पूरी तरह मनपा फंड पर निर्भर था। वर्ष 2014 में आरटीई प्रावधानों के तहत सरकार ने पूर्व शिक्षण मंडल को भंग कर दिया था। नए प्रस्ताव के अनुसार 15 सदस्यीय कंपनी बोर्ड गठित होगा, जिसमें शिक्षा, प्रशासन, वित्त, टेक्नोलॉजी, सोशल डेवलपमेंट और विधि क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। पांच वर्षों के लिए एमडी-सीईओ और चेयरमैन की नियुक्ति की जाएगी। बोर्ड को स्वतंत्र बजट बनाने और अतिरिक्त संसाधन जुटाने का अधिकार भी मिलेगा।
पूर्व मेयर सुधाकर सोनावणे ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि इससे झोपड़पट्टियों और श्रमिक बस्तियों के बच्चों को बेहतर सुविधाएं और आधुनिक शिक्षा मिलेगी। उनका मानना है कि मनपा का नियंत्रण बरकरार रहेगा, इसलिए निजीकरण की आशंका निराधार है।
हालांकि विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे निजीकरण की दिशा में कदम बताया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब मनपा पूर्व में सीबीएसई जैसे स्कूलों का संचालन प्रभावी ढंग से नहीं कर सकी, तो नई व्यवस्था कितनी सफल होगी। अब नजर इस बात पर है कि यह पहल छात्रों की शिक्षा और परिणामों में कितना वास्तविक सुधार ला पाती है।



