
KDMC मेयर: ढाई साल का फॉर्मूला या सियासी पलटी ?
KDMC Mayor: Two-and-a-Half-Year Term Formula or Political U-turn?
कल्याण-डोंबिवली/प्रतिनिधि : कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव नतीजों के बाद भले ही महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला हो, लेकिन मेयर पद को लेकर BJP और शिवसेना के बीच सियासी खींचतान तेज़ हो गई है। 112 सदस्यीय निगम में गठबंधन ने 103 सीटें जीती हैं, जबकि विपक्ष को 19 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। BJP के पास 50 कॉर्पोरेटर हैं, वहीं शिवसेना शिंदे गुट के 53 कॉर्पोरेटर हैं। मेयर पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 57 है, ऐसे में BJP को 12 और शिंदे गुट को 9 कॉर्पोरेटरों की ज़रूरत है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ठाकरे गुट के कुछ कॉर्पोरेटर शिंदे के संपर्क में हैं, वहीं MNS के समर्थन की भी अटकलें हैं। एकनाथ शिंदे का गणित मज़बूत दिख रहा है, जबकि BJP फिलहाल साइलेंट मोड में नजर आ रही है। अब सवाल यही है कि मेयर कौन बनेगा और क्या ढाई-ढाई साल का फार्मूला लागू होगा।



