MNREGA’s \ का स्वरूप नहीं बदला, रोजगार के दिन बढ़े: जीतन राम मांझी
MNREGA's structure hasn't changed, employment days have increased: Jitan Ram Manjhi
दिली ; प्रतिनिधि : केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनरेगा को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि मनरेगा का स्वरूप बदला गया है। मांझी के मुताबिक, योजना के मूल उद्देश्य और ढांचे में कोई बदलाव नहीं हुआ है, बल्कि इसे और सशक्त बनाया गया है।
मीडिया से बातचीत में जीतन राम मांझी ने स्पष्ट किया कि मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली 100 दिनों की रोजगार गारंटी को बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के हित में है, ताकि उन्हें अधिक दिनों तक रोजगार और आय का साधन मिल सके।
मांझी ने सवाल उठाया कि अगर रोजगार के दिन बढ़ाए जा रहे हैं, तो इसे योजना को कमजोर करना कैसे कहा जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि “हे राम” गांधी जी का अंतिम स्वर था और उन्हीं के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए इस योजना का नाम G-RAM G रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार गांधीजी के विचारों से प्रेरित होकर ग्रामीण भारत के विकास के लिए काम कर रही है।
जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया कि विपक्ष मनरेगा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य केवल योजना का नाम बदलना नहीं, बल्कि उसकी पहुंच और प्रभाव को बढ़ाना है, ताकि इसका वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।
उन्होंने अंत में कहा कि मनरेगा आज भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार इसे कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत बना रही है।



