Terrorism: आतंकवाद पर दुनिया को ‘जीरो टॉलरेंस’ दिखाना होगा: एस. जयशंकर
The world must demonstrate "zero tolerance" on terrorism: S. Jaishankar

नई दिल्ली/मॉस्को: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रूस में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर वैश्विक समुदाय से सख्त और एकजुट रुख अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और अब समय आ गया है कि दुनिया इसके खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाए।
जयशंकर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आतंकवाद सिर्फ सीमाओं के भीतर की समस्या नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि कुछ देश आतंकवाद को राजनीतिक साधन की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर चुनौती है।
विदेश मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवादी संगठनों को पनाह देना, उन्हें आर्थिक मदद करना,
या उन्हें राजनीतिक समर्थन देना इन सबको अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सख्त अपराध माना जाना चाहिए।उन्होंने विश्व समुदाय से आग्रह किया कि सभी देश अपनी नीतियों और कार्रवाईयों में एकजुटता दिखाएं, क्योंकि “आतंकवाद किसी एक देश का नहीं, बल्कि मानवता का दुश्मन है।”
भारत लंबे समय से आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाने की मांग करता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जयशंकर का यह बयान मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और क्षेत्रीय तनावों के बीच भारत की स्पष्ट कूटनीतिक स्थिति को दर्शाता है।



