नवी मुंबई महानगरपालिका ने आयोजित किया विशाखा समिति जागरूकता शिविर
Navi Mumbai Municipal Corporation organised Vishakha Samiti awareness camp
नवी मुंबई/प्रतिनिधि: नवी मुंबई महानगरपालिका परिमंडल 1 के अंतर्गत कार्यरत महिला एवं पुरुष कर्मचारियों के लिए नमुंमपा (NMMC) विशाखा समिति की ओर से एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम संबंधी उपायों की जानकारी कर्मचारियों तक पहुँचाना था।
यह कार्यक्रम शारदीय नवरात्र उत्सव और “सशक्त नारी – स्वस्थ परिवार” इस उपक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका की विभिन्न विभागों की वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रही। प्रमुख अतिथियों में क्रीड़ा व सांस्कृतिक विभाग की उपआयुक्त तथा नमुंमपा विशाखा समिति की अध्यक्षा श्रीमती अभिलाषा पाटील, समाज विभाग की उपआयुक्त श्रीमती नयना ससाणे, आपत्ती प्रबंधन विभाग की उपआयुक्त श्रीमती ललिता बाबर, महापालिका सचिव श्रीमती चित्रा बाविस्कर, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नाप्रभा चव्हाण, कार्यकारी अभियंता श्रीमती शुभांगी दोडे और अतिक्रमण विभाग के उपआयुक्त डॉ. कैलास गायकवाड़ शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत में उपआयुक्त एवं समिति की अध्यक्षा श्रीमती अभिलाषा पाटील ने प्रास्ताविक भाषण दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षभर में विशाखा समिति द्वारा कई प्रकार के उपक्रम आयोजित किए गए हैं। नवी मुंबई महानगरपालिका का कार्यस्थल वातावरण सकारात्मक और सहयोगपूर्ण है, जहाँ बहुत कम शिकायतें सामने आती हैं। फिर भी, महिलाओं को समिति के कार्य, यौन उत्पीड़न की परिभाषा और शिकायत प्रक्रिया के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।
उन्होंने मुख्य विशाखा समिति और उसके अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं परिवहन विभाग की विशाखा समितियों की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया।
महिला सुरक्षा पर अधिकारीयों के विचार
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डॉ. रत्नाप्रभा चव्हाण ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि महिला वास्तव में घर की मंत्री होती है और कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
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महापालिका सचिव चित्रा बाविस्कर ने कहा कि कार्यालय में महिला या पुरुष ऐसा भेदभाव न कर प्रत्येक को समान रूप से कर्मचारी समझा जाना चाहिए और महिलाओं को विशेष रियायतें लेने की आदत नहीं डालनी चाहिए।
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उपआयुक्त नयना ससाणे ने समिति की गोपनीयता और कार्यप्रणाली को लेकर अपने विचार रखे।
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डॉ. कैलास गायकवाड़ ने कहा कि समिति को काम करते समय सावधानी रखनी चाहिए ताकि किसी निर्दोष कर्मचारी पर अन्याय न हो।
कानूनी और व्यावहारिक मार्गदर्शन
कार्यक्रम में एडवोकेट हेमांगी पाटील ने छोटे-छोटे वीडियो के माध्यम से यौन उत्पीड़न की परिभाषा, समिति की कार्यप्रणाली और शिकायत प्रक्रिया को सरल और रोचक तरीके से समझाया। वहीं, श्रीमती स्वप्नीला यादव ने यह जानकारी दी कि यदि किसी को समिति में शिकायत करनी हो तो किस प्रकार और किस प्रकार की जानकारी के साथ शिकायत दर्ज की जा सकती है। इस अवसर पर नगरपालिका स्तर की मुख्य विशाखा समिति के सभी सदस्य, साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन विभागों की समितियों के सदस्य भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन नमुंमपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने किया। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे शिविरों से महिला अधिकारी और कर्मचारियों को समिति के कामकाज की स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जिससे कार्यस्थल पर सुरक्षित और आश्वस्त वातावरण निर्मित होगा।




