Nepal Violence: नेपाल की अराजकता का असर भारत तक? पश्चिम बंगाल हाई अलर्ट पर, क्या है पूरा मामला?
Nepal Violence: Impact of Nepal's anarchy on India? West Bengal on high alert, what is the whole matter?
नई दिल्ली/प्रतिनिधि: नेपाल में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। भ्रष्टाचार, तानाशाही रवैये और सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंधों के खिलाफ युवाओं के उग्र आंदोलन ने देश की राजनीतिक स्थिरता को हिला कर रख दिया है। राजधानी काठमांडू में युवाओं का जबरदस्त जनआंदोलन देखने को मिल रहा है, जिसमें मंत्रियों के निवासों और संसद भवन में आगजनी जैसे घटनाक्रम सामने आए हैं। इस अस्थिरता के चलते प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है और वे फिलहाल अज्ञात स्थान पर चले गए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का प्रभाव अब भारत, खासकर नेपाल से सटे सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल में भी दिखाई देने लगा है। भारत ने सुरक्षा के लिहाज से हाई अलर्ट जारी कर दिया है, और नेपाल से संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से पानीटंकी सीमा क्षेत्र पर सुरक्षा बलों की तैनाती में इजाफा किया गया है।
पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण प्रकाश ने जानकारी दी है कि पानीटंकी सीमा पर विशेष चौकी स्थापित की गई है और वहां पुलिस की एक टुकड़ी लगातार गश्त कर रही है। उन्होंने बताया, “हम पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।”
नेपाल में सरकार के खिलाफ जो आंदोलन चल रहा है, वह पूर्ण रूप से युवाओं के नेतृत्व में है। आंदोलनकारी सरकार की भ्रष्ट नीतियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने से लोगों का गुस्सा और भी भड़क गया है। विरोध प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए हैं कि सरकार ने नियंत्रण की जिम्मेदारी फिलहाल सेना को सौंप दी है।
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 9 सितंबर की शाम तक नए प्रधानमंत्री की घोषणा की जा सकती है। यह देखा जाना बाकी है कि नई सरकार बनने के बाद हालात सामान्य होते हैं या आंदोलन और भड़कता है।
भारत के लिए चिंता का विषय यह है कि यदि नेपाल की स्थिति और बिगड़ती है, तो वहां के नागरिक सुरक्षा की तलाश में सीमा पार कर भारत में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। यही कारण है कि पश्चिम बंगाल के नेपाल से लगे इलाकों में बीएसएफ, सेना और पुलिस बल को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यह स्पष्ट है कि नेपाल की इस अराजक स्थिति का सीधा प्रभाव भारत की सीमाई सुरक्षा और आंतरिक शांति पर पड़ सकता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि नेपाल में राजनीतिक समाधान कितनी जल्दी निकलता है और क्या इससे शांति बहाल हो पाएगी।




