आरक्षण लेकर ही लौटेंगे: 2800 वाहनों से हजारों मराठा आंदोलनकारी मुंबई में दाखिल
Will return only after getting reservation: Thousands of Maratha protesters entered Mumbai in 2800 vehicles
नवी मुंबई/प्रतिनिधी: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र के कोने-कोने से हजारों आंदोलनकारी मुंबई की ओर रवानगी कर चुके हैं। गुरुवार रात 8:30 बजे तक खोपोली के पास स्थित खालापुर टोल नाके से 2800 से अधिक ट्रक, टेम्पो और अन्य यात्री वाहन गुजर चुके थे। इसके बाद रात के समय वाहनों की संख्या में और भी इजाफा देखा गया। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि अब पीछे हटने का कोई सवाल नहीं। वे आरक्षण की मांग पूरी करवाकर ही लौटेंगे। आंदोलन में शामिल लोगों ने कहा कि वे 15 दिन का राशन लेकर आए हैं, और मुंबई में रहने, भोजन आदि की संपूर्ण व्यवस्था गाड़ियों में ही की गई है। जरूरत पड़ने पर मुंबईकरों से सहयोग लेने की भी तैयारी है।
गाड़ियों में ही रहेंगे, आंदोलन से माघार नहीं
छत्रपती संभाजीनगर ज़िले के वैजापुर तालुका के मनूर गांव से आए मराठा आंदोलक गुरुवार दोपहर को मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति (APMC) के परिसर में पहुँच चुके हैं। प्रत्येक गांव से अलग-अलग वाहन किराए पर लेकर आंदोलनकारी मुंबई पहुँचे हैं। आंदोलनकारियों ने साफ़ कहा कि उन्होंने जनवरी 2024 में भी नवी मुंबई में आंदोलन किया था, लेकिन इस बार वे सीधे मुंबई में आरक्षण की अंतिम लड़ाई लड़ने आए हैं। आंदोलनकारी किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। बारिश हो या कोई और परेशानी – आंदोलन जारी रहेगा। बार्शी, मौलापुर से आए परमेश्वर पासले नामक आंदोलक ने कहा, “हम विठ्ठल भक्त हैं, मेहनतकश हैं, बारिश पड़े या कुछ भी हो जाए, हम पीछे नहीं हटेंगे। आरक्षण लेकर ही लौटेंगे।”
JNPT पोर्ट की 25% मालवाहतूक पर असर
मराठा आंदोलन की वजह से मुंबई से सटे उरण इलाके में स्थित जेएनपीटी (JNPT) पोर्ट की मालवाहतूक आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। गुरुवार से ही 25% भारी वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। इस संदर्भ में जेएनपीटी के DCM एस. के. कुलकर्णी ने बताया कि गुरुवार मध्यरात्रि के बाद इस प्रभाव में और भी वृद्धि हो सकती है। इसके मद्देनजर नवी मुंबई ट्रैफिक विभाग के उपायुक्त तिरुपति काकड़े ने सभी ट्रैफिक यूनिट्स को सतर्कता और नियंत्रण के आदेश दिए हैं।
आज़ाद मैदान पर आंदोलन को पुलिस की सशर्त अनुमति
29 अगस्त को मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में आज़ाद मैदान में होने वाले आंदोलन को मुंबई पुलिस ने बुधवार को सशर्त अनुमति प्रदान की है। हालांकि यह अनुमति सिर्फ एक दिन के लिए, सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही वैध रहेगी। उसके बाद मैदान में कोई भी आंदोलनकारी नहीं ठहर सकेगा, ऐसा स्पष्ट आदेश पुलिस ने दिया है। यह अनुमति मुंबई उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका और उस पर आए अंतरिम आदेश के अनुरूप दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन नियमों का उल्लंघन हुआ तो आंदोलन को अवैध घोषित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये हैं आंदोलन की शर्तें:
- आज़ाद मैदान में 7000 वर्ग मीटर क्षेत्र आंदोलन के लिए आरक्षित रहेगा।
- इस जगह की क्षमता के अनुसार केवल 5000 आंदोलनकारियों को उपस्थित रहने की अनुमति है।
- मनोज जरांगे पाटील के साथ केवल 5 वाहनों को आज़ाद मैदान में प्रवेश मिलेगा।
- अन्य वाहनों को वाडीबंदर जंक्शन तक ही रोका जाएगा।
- पूर्व-निर्धारित मार्ग से ही आंदोलनकारियों को आना होगा।
- ध्वनिक्षेपक (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर पूर्व अनुमति के बिना प्रतिबंध रहेगा।
- मैदान में भोजन पकाने पर सख्त मनाही है।
- मैदान की स्वच्छता की जिम्मेदारी आंदोलनकारियों पर होगी।
- बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग आंदोलन में भाग न लें, ऐसा परामर्श दिया गया है।
मराठा आरक्षण को लेकर जनआंदोलन ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। राज्य के कोने-कोने से मराठा समाज के लोग मुंबई में एकजुट हो रहे हैं, स्पष्ट कह रहे हैं – अब आरक्षण लेकर ही लौटेंगे। पुलिस और प्रशासन सतर्क है, पर आंदोलनकारियों का जोश थमने का नाम नहीं ले रहा।




