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Manoj Jarange Morcha : आझाद मैदान में मनोज जरांगे का एल्गार, सरकार की आई पहली प्रतिक्रिया; राधाकृष्ण विखे पाटील ने क्या कहा?

Manoj Jarange Morcha: Manoj Jarange's Algar in Azad Maidan, first reaction from the government; What did Radhakrishna Vikhe Patil say?

मुंबई/प्रतिनिधि – मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। हजारों की संख्या में मराठा समाज के लोग मुंबई पहुंचे हैं और आज़ाद मैदान पर मनोज जरांगे पाटील के नेतृत्व में आंदोलन का बिगुल फूंका गया है। जरांगे पाटील ने शुक्रवार सुबह 10:30 बजे से बेमुदत आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की। इस बीच राज्य सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मराठा आरक्षण उपसमिति के अध्यक्ष तथा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने आंदोलन और मांगों को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट की है।

‘गोली खाएंगे, लेकिन माघार नहीं लेंगे’ – जरांगे पाटील का एलान

आज़ाद मैदान अब मराठा समाज के आंदोलन का नया रणक्षेत्र बन चुका है। मनोज जरांगे पाटील ने कहा, “गोली चलाएं तो भी हम पीछे नहीं हटेंगे।” उनका स्पष्ट कहना है कि मराठा समाज को ओबीसी कोटे में आरक्षण मिलना ही चाहिए, और यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है। आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए पूरे मुंबई में मराठा आंदोलन की चर्चा जोरों पर है। मराठा भगवा लहर अब मुंबई की सड़कों पर साफ दिखाई दे रही है।

सरकार की पहली प्रतिक्रिया: ‘मुद्दा प्रतिष्ठे का नहीं’

मनोज जरांगे पाटील द्वारा सरकार को सौंपे गए मांग पत्र को लेकर मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा कि उनकी मांगें सरकार तक पहुंच चुकी हैं और उस पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है।

विखे पाटील ने कहा,

हमारी सरकार को जरांगे पाटील और मराठा समाज की भावनाओं की पूरी सहानुभूति है। हम गंभीरता से उनकी मांगों पर विचार कर रहे हैं।”

हैदराबाद गज़ेट पर जारी है कार्रवाई

विखे पाटील ने बताया कि हैदराबाद गज़ेट के अनुसार ‘कुणबी’ प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। यदि किसी व्यक्ति को अभी तक प्रमाणपत्र नहीं मिला है, तो न्यायमूर्ति संदीप शिंदे समिति के माध्यम से उचित कार्रवाई की जाएगी।  साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि कुछ नई मांगे आती हैं, तो उस पर भी विचार और चर्चा की जाएगी। “चर्चा से ही रास्ता निकलेगा”, ऐसा वक्तव्य भी उन्होंने दिया।

सातारा गज़ेट को लेकर स्थिति अस्पष्ट

जहां हैदराबाद गज़ेट पर कार्यवाही की बात कही गई है, वहीं सातारा गज़ेट को लेकर अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इस विषय में प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्यवाही हो रही है, इसकी प्रतीक्षा बनी हुई है।

जरांगे पाटील की चेतावनी: और भी मराठा मुंबई में उतरेंगे

सरकार ने आंदोलन के लिए सिर्फ एक दिन की अनुमति दी है, लेकिन जरांगे पाटील ने सरकार से इस अवधि को बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने कोई अड़चन डाली, तो और भी मराठा मुंबई में दाखिल होंगे। वर्तमान में मुंबई में मराठा समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी है और यह संख्या आगे और बढ़ने की संभावना है, जिससे मुंबई की व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में एक बार फिर भूचाल की स्थिति बन गई है। मनोज जरांगे पाटील के नेतृत्व में आरक्षण की मांग को लेकर संघर्ष तेज हो चुका है। सरकार ने जहां संवेदनशीलता दिखाते हुए सहानुभूति जताई है, वहीं जरांगे पाटील की चेतावनी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिन महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

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