अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के निगमों को बड़ी राहत; ऋण मामलों को सुगम बनाने के लिए सरकार ने जारी किया महत्वपूर्ण सरकारी आदेश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशानुसार कर्ज मंजूरी प्रक्रिया होगी तेज, गरीब व वंचित वर्ग को मिलेगा अधिक आर्थिक सहायता
मुंबई/प्रतिनिधी: महाराष्ट्र सरकार ने सामाजिक न्याय विशेष विभाग के अधीन कार्यरत सभी निगमों के लिए एक अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने निगमों के कर्ज मामलों में गारंटर (जामीनदार) की कठोर शर्तों में संशोधन किया है तथा केंद्रीय निधि की उपलब्धता के लिए गारंटी प्रदान करने संबंधी एक सरकारी आदेश (GR) पारित किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के वादे के अनुरूप मंत्रिमंडल की बैठक में रखा गया था, जिसके बाद इसे मंजूरी देते हुए शासन द्वारा संबंधित आदेश जारी किया गया। इस निर्णय के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग के निगमों के कर्ज मामलों में सुगमता आएगी और मंजूरी प्रक्रिया में तेजी आएगी। इससे सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत आने वाले निगमों को केंद्र सरकार से मिलने वाली निधि की उपलब्धता में भी सुधार होगा।
गरीब और वंचितों को मिलेगा वित्तीय मदद का लाभ
केंद्र से मिलने वाली निधि की उपलब्धता में सुधार के साथ-साथ गरीब और वंचित समाज के लिए वित्तीय सहायता का मार्ग और आसान हो जाएगा। यह कदम आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के उत्थान और सामाजिक समावेशन में सहायक होगा। सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत कार्यरत निगम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के विकास के लिए कार्य करते हैं। इन निगमों को मिलने वाले ऋण और वित्तीय सहायता से समाज के वंचित वर्ग को शैक्षिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास के अवसर मिलते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उनकी सरकार अनुसूचित और पिछड़े वर्गों के हित में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस निर्णय से संबंधित वर्गों को वित्तीय संसाधन प्राप्त करने में सहूलियत होगी और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान होगा।




