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Prakash Baviskar Initiative : कमलाताई बाविस्कर की स्मृति में फ्री हेल्थकैंप, बांटी गयी साड़ियां, प्रकाश बाविस्कर की पहल
Prakash Baviskar Initiative: Free health camp in memory of Kamlatai Baviskar, sarees distributed,
नवी मुंबई/ प्रतिनिधिः प्रसिद्ध उद्योजक प्रकाश बाविस्कर की मातोश्री स्वर्गीय कमलाबाई भीमराव बाविस्कर की स्मृति में घोड़गांव में निःशुल्क नेत्र जांच एवं उपचार शिविर तथा साड़ी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. शिवकमल सेवा संस्था, नवी मुंबई के सौजन्य से मंगलवार, 29 जुलाई 2025 को आयोजित इस कार्यक्रम में स्वर्गीय कमलाबाई बाविस्कर को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. शिवकमल सेवा संस्था बीते 20 वर्षों से ऐसा कार्यक्रम आयोजित कर लोकसेवा उपक्रम चलाती आ रही है. कार्यक्रम में निःशुल्क नेत्र जांच और उपचार के साथ ही यहां 400 से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को साड़ियों का वितरण किया गया.
घोड़गांव के नागरिकों को मिली सेवा, डॉ. बाविस्कर का सत्कार
मुफ्त शिविर में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA) की ओर से ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद गुरु – नेत्र चिकित्सक’ डॉ. हेमंत बाविस्कर ने स्वयं उपस्थित रहकर यहां नागरिकों की जांच की और अपनी सेवाएं दी. यहां घोड़गांव और आसपास के इलाकों के 400 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की नेत्र जांच की गयी और कई जरूरतमंद मरीजों को चश्मे भी प्रदान किए गए. शिविर समापन पर स्व. कमलाबाई भिमराव बाविस्कर के प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. यहां नेत्र चिकित्सक डॉ. हेमंत बाविस्कर एवं उनकी टीम का सत्कार किया गया। इस अवसर पर बाविस्कर परिवार के कमलाकर बाविस्कर, प्रदीप बाविस्कर, विजय पाटील, विनोद पाटील, उद्धव बाविस्कर, गुणवंत बाविस्कर, नितीन पाटील, यश बाविस्कर, तेजस बाविस्कर, मनीषा बाविस्कर, अनिता विजय बाविस्कर ने विशेष परिश्रम देकर सेवा के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई.
लोकसेवा का यह मिशन जारी रहेगा-प्रकाश बाविस्कर
अपनी मातोश्री स्वर्गीय कमलाबाई बाविस्कर की स्मृति में हर वर्ष लोकसेवा का उपक्रम चलाने वाले शिवकमल सेवा संस्था के अध्यक्ष एवं बिल्डर प्रकाश बाविस्कर ने कहा कि..यह उपक्रम मातोश्री को याद करने का यह एक प्रयास है. स्मृति दिवस के बहाने निरंतर 20 वर्षों से ऐसे लोकसेवी उपक्रम चलाए जा रहे हैं, और जरूरतमंदों को मदद एवं सेवाएं दी जा रही है.उन्होंने कहा कि समाजोपयोगी उपक्रमों का यह सिलसिला आगे भी चलता रहेगा.



