Hackspark | मुंबई के ठाकुर कॉलेज में AI हैकथॉन ने बनाया रिकॉर्ड, जानिए क्या है खास

Hackspark | AI Hackathon at Thakur College, Mumbai sets record

पंकज शर्मा/ मुंबई : डिजिटल हो रही दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका बढ़ गई है. केंद्र की मोदी सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अधिक प्रोत्साहन देने के प्रयास में जुटी है. इसके लिए देश भर के शिक्षण संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता वर्ष मनाया जा रहा है. इस उद्देश्य के तहत 15 और 16 मार्च को मुंबई के कांदिवाली पूर्व में स्थित ठाकुर श्यामनारायण इंजीनियरिंग कॉलेज और ठाकुर पॉलिटेक्निक कॉलेज में हैक्सपार्क-1.0 का आयोजन किया गया. 24 घंटे के नॉन-स्टॉप एआई हैकाथॉन में महाराष्ट्र के 30 से अधिक कॉलेजों से 300 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. यह प्रतियोगिता AICTE द्वारा घोषित “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्ष – 2025” के विज़न को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी. यहां उत्कृष्ट नवाचारों की प्रस्तुति करने वाले प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया.

महाराष्ट्र के 30 कॉलेजों से 300 छात्रों का सहभाग, 24 घंटे चला एआई हैकथॉन, छात्रों ने पेश की नवाचारों की नई कहानी

एआई आधारित नवाचारों की पेशकश ने बढ़ाया आकर्षण

इस आयोजन में प्रतिभागियों ने अत्याधुनिक एआई-आधारित नवाचारों पर काम किया, जिससे विभिन्न उद्योगों में क्रांतिकारी बदलाव लाने की संभावनाओं को बल मिला। छात्रों ने अपनी तकनीकी और रचनात्मक क्षमताओं को चुनौती देते हुए अभिनव समाधान विकसित किए। इस दौरान, नवाचार, सहयोग और प्रतिस्पर्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला. वर्तमान में AI का इस्तेमाल स्मार्ट डिवाइस, वॉयस असिस्टेंट, और चैटबॉट जैसी कई तरह की चीजों में किया जा रहा है. फ़िलहाल जनरेटिव एआई की सुविधा एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध है. एआई गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं. यह प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता लाने और कार्यक्षमता बढ़ाने में मददगार है.

महाराष्ट्र बनेगा AI उत्कृष्टता का केंद्र-CEO राजेश सिंह

हैकथॉन के आयोजन को सफल बताते हुए ठाकुर कालेज के सीईएओ राजेश सिंह एवं प्रिंसिपल एस.एम. गणचारी ने कहा कि यह हैकथॉन ‘महाराष्ट्र को एआई उत्कृष्टता का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीनों को मानव जैसी तर्कशक्ति देने की तकनीक है. यह कंप्यूटर और रोबोट को मानव क्षमताओं की तरह काम करने में सक्षम बनाती है. AI से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है. एआई का कृषि में इसका इस्तेमाल करके किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है.ऐसे हैकथॉन एआई को व्यापक बनाने, समझने और उपयोग की नई जानकारी दे सकते हैं
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