बीमारी पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर बरसे बिक्रम ठाकुर
Bikram Thakur lashes out at Congress over remarks regarding illness

ऊना: भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं विधायक बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस नेता सतपाल रायजादा द्वारा भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती की बीमारी और ऑपरेशन को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाना कि कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी लगातार राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है। ठाकुर ने कहा कि किसी व्यक्ति की बीमारी का मजाक उड़ाना और देश के प्रधानमंत्री के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार, राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत परिस्थितियों और स्वास्थ्य को निशाना बनाना किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं से जिम्मेदारियों व्यवहार और संयमित भाषा की अपेक्षा की जाती है। राजनीतिक दलों के बीच विचार-धारा, नीतियों और जनहित के मुद्दों पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इन मतभेदों को व्यक्तिगत अपमान में बदलना राजनीतिक संवाद की गरिमा को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने आरोप लगाना कि सतपाल रायजादा की कथित टिप्पणी ने राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत कटाक्ष के बीच की सीमा को लांघ दिया है।
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बीमारी पर टिप्पणी को बताया संवेदनाओं
भाजपा नेता ने कहा कि बीमारी किसी व्यक्ति की राजनीतिक विचार-धारा, पद या सामाजिक स्थिति देखकर नहीं आती। ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति को सहानुभूति और सहयोग की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि किसी नेता के स्वास्थ्य या ऑपरेशन को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ है। राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद किसी की बीमारी को निशाना बनाना उचित नहीं है। ठाकुर ने कहा कि सतपाल सिंह सत्ती हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ नेता हैं और उनके साथ राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य को लेकर टिप्पणी करना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाना कि इस तरह की बयानबाजी से राजनीतिक वातावरण खराब होता है और जनता के बीच नेताओं के आचरण को लेकर गलत संदेश जाता है। उन्होंने सतपाल रायजादा से अपनी कथित अमर्यादित टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। ठाकुर के मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों और व्यवहार की जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में भी संवेदनशीलता और शालीनता बनाए रखना जरूरी है।

प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाना कि कांग्रेस के कुछ नेता अपने बयानों में राजनीतिक मर्यादा का ध्यान नहीं रख रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि जब राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की ओर से की जाने वाली टिप्पणियों पर सवाल उठते हैं, तो प्रदेश स्तर के नेताओं की भाषा और आचरण पर भी चर्चा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या विरोधियों के प्रति व्यक्तिगत कटाक्ष और अभद्र भाषा का इस्तेमाल पार्टी की राजनीतिक शैली बन गया है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के सामने संयमित संवाद का उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि नेताओं के बयानों का प्रभाव केवल राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे सार्वजनिक विमर्श की दिशा भी प्रभावित होती है।
बोले- व्यक्तिगत हमलों से नहीं मिलता जनता का समर्थन
भाजपा विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और नेता को सरकार तथा विपक्ष के विचारों की आलोचना करने का अधिकार है। हालांकि, यह आलोचना तथ्यों, तर्कों, नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाना कि व्यक्तिगत हमलों और विवादित बयानों के जरिए सुर्खियां बटोरने की कोशिश राजनीतिक रूप से उचित नहीं है। ठाकुर ने कहा कि जनता राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के व्यवहार पर नजर रखती है। उनके अनुसार, किसी की बीमारी का मजाक उड़ाना न राजनीतिक उपलब्धि है और न ही इसे जनता के मुद्दों को उठाने का तरीका माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि नेताओं को ऐसे विषयों पर बयान देते समय संवेदनशीलता बरतनी चाहिए, जिन-का संबंध किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य और निजी परिस्थितियों से हो। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विमर्श में शालीनता बनाए रखना सभी दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक-दूसरे की नीतियों की आलोचना करें, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान और मानवीय गरिमा का ध्यान रखें।
कांग्रेस नेतृत्व से नेताओं की भाषा पर नियंत्रण रखने की अपील
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा राजनीतिक संघर्ष को विचार-धारा, नीतियों और जनहित के मुद्दों के आधार पर आगे बढ़ाने में विश्वास रखती है। उन्होंने आरोप लगाना कि कांग्रेस के कुछ नेताओं की बयानबाजी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। उनके मुताबिक, राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत विवाद का रूप देने से जनता के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपने नेताओं के बयानों पर ध्यान देने और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके नेता सार्वजनिक मंचों पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल न करें, जिससे किसी व्यक्ति की बीमारी या व्यक्तिगत परिस्थितियों का उपहास हो। अंत में बिक्रम ठाकुर ने सतपाल रायजादा से कथित टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और आलोचना का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी जरूरी है।
उनके अनुसार, राजनीतिक विरोधियों का अपमान करने के बजाय जनहित के मुद्दों पर चर्चा करना ही लोकतांत्रिक राजनीति की वास्तविक भावना है।



