
खारघर में सिडको की कार्रवाई, मौत की खबरों पर स्पष्टीकरण
CIDCO action in Kharghar; clarification regarding reports of deaths
नवी मुंबई: महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित खारघर नोड के बेलपाडा क्षेत्र में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ सिडको महा-मंडल की ओर से निष्कासन अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई को लेकर एक आदिवासी व्यक्ति की मौत होने की खबरें सामने आने के बाद सिडको ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। महा-मंडल ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित व्यक्ति की मौत निष्कासन अभियान के दौरान होने के दावे में कोई तथ्य नहीं है। सिडको के मुताबिक, जिस झोपड़ी में संबंधित व्यक्ति रहता था, उसे इस कार्रवाई के दौरान हटाया ही नहीं गया था। सिडको महा-मंडल के नियंत्रक अनधिकृत बांधकामे विभाग की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को खारघर नोड में निष्कासन अभियान आयोजित किया गया था। इस अभियान के दौरान बेलपाडा में ईंटों से बना और पत्रों से ढका वाणिज्यिक उपयोग का अनधिकृत निर्माण हटाया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में मौजूद ताड़पत्री से बने शेड को भी निष्कासित किया गया। सिडको ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई अनधिकृत निर्माणों तक सीमित थी और संबंधित आदिवासी व्यक्ति की झोपड़ी पर कोई निष्कासन कार्रवाई नहीं की गई।
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घायल अवस्था में मिला व्यक्ति, पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया
सिडको की ओर से जारी बयान के अनुसार, कार्रवाई के दौरान बाहरी निरीक्षण करते समय संबंधित आदिवासी व्यक्ति अपनी झोपड़ी के भीतर घायल अवस्था में मिला। उसे इस हालत में देखने के बाद पुलिस विभाग की सहायता से एंबुलेंस बुलवाई गई। इसके बाद व्यक्ति को उपहार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। महा-मंडल का कहना है कि संबंधित व्यक्ति की झोपड़ी को निष्कासन अभियान में नहीं हटाया गया था। इसी आधार पर सिडको ने निष्कासन कार्रवाई के दौरान व्यक्ति की मौत होने संबंधी खबरों का खंडन किया है। हालांकि, जारी बयान में व्यक्ति के घायल होने के कारण, चोटों की प्रकृति और उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

अनधिकृत निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर सिडको का पक्ष
सिडको महा-मंडल ने अपने स्पष्टीकरण में कार्रवाई के दौरान हटाए गए निर्माणों की जानकारी देते हुए कहा कि बेलपाडा क्षेत्र में वाणिज्यिक उपयोग के लिए बनाए गए ईंटों के निर्माण और पत्राशेड को हटाया गया। इसके अतिरिक्त ताड़पत्री से बने शेड को भी निष्कासित किया गया। यह कार्रवाई 27 अक्टूबर को खारघर नोड में विभाग की ओर से चलाए गए अभियान का हिस्सा थी। आदिवासी व्यक्ति की मौत से संबंधित खबरों के सामने आने के बाद सिडको ने अपने बयान में कार्रवाई और व्यक्ति की स्थिति के बीच संबंध होने के दावे को गलत बताया। महा-मंडल के अनुसार, संबंधित व्यक्ति जिस झोपड़ी में रहता था, उसे अभियान के दौरान नुकसान नहीं पहुंचाया गया। व्यक्ति के घायल अवस्था में पाए जाने पर उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस की मदद ली गई और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।
वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी ने जारी किया बयान
सिडको महा-मंडल की वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी प्रिया रातांबे ने इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। बयान में निष्कासन अभियान के दौरान आदिवासी व्यक्ति की मौत होने की खबरों को तथ्यहीन बताया गया है। सिडको ने दोहराया कि संबंधित व्यक्ति की झोपड़ी पर कार्रवाई नहीं की गई थी और उसे घायल अवस्था में मिलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस पूरे मामले में सिडको ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ की गई कार्रवाई और घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने की जानकारी दी है।
वहीं, संबंधित व्यक्ति के घायल होने के कारण और उसकी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक बयान में उपलब्ध नहीं कराई गई है।



