
महाराष्ट्र को मिलेगा 5 टीएमसी पानी: फडणवीस
Maharashtra will receive 5 TMC of water: Fadnavis
मुंबई: नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले के अनुसार महाराष्ट्र को उस के हिस्से का पांच टीएमसी पानी उकाई बांध से उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की उच्चस्तरीय पुनर्विचार समिति की बैठक में महाराष्ट्र के हिस्से का पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में महाराष्ट्र का पक्ष मजबूती से रखते हुए राज्य के हिस्से का पानी देने की मांग की। इस पर केंद्रीय जल-शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने तत्काल निर्देश दिए। नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की उच्चस्तरीय पुनर्विचार समिति की यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। इसमें केंद्रीय जल-शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नर्मदा परियोजना से संबंधित महाराष्ट्र के दायित्वों और राज्य को निर्धारित हिस्से का पानी उपलब्ध कराने के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
महाराष्ट्र को कुल 10 टीएमसी पानी आवंटित
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में बताया कि नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले के अनुसार महाराष्ट्र को कुल 10 टीएमसी पानी आवंटित किया गया है। इसमें से पांच टीएमसी पानी मोड़ नहर के माध्यम से उपलब्ध कराया जाना है, जबकि शेष पांच टीएमसी पानी गुजरात स्थित उकाई बांध से दिए जाने का प्रावधान है। इसी व्यवस्था के तहत महाराष्ट्र को उस के हिस्से का शेष पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल-शक्ति मंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि न्यायाधिकरण के फैसले के अनुसार महाराष्ट्र को आवंटित पानी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक मंजूरी और कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्य को उस के निर्धारित हिस्से का पानी मिलना जरूरी है, ताकि जल आवंटन से जुड़े फैसलों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
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पहले की बैठक में भी उठा था मुद्दा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्धारित नियमों के अनुसार महाराष्ट्र को पानी देने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने इसी निर्णय का हवा-ला देते हुए कहा कि उकाई बांध से महाराष्ट्र को उस के हिस्से का पांच टीएमसी पानी मिलना चाहिए। फडणवीस की ओर से रखे गए पक्ष पर केंद्रीय जल-शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र को उस के हिस्से का पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसके बाद नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की पुनर्विचार समिति की बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए गए। इस घटनाक्रम को महाराष्ट्र के निर्धारित जल हिस्से की उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जल आवंटन के मुद्दे पर महाराष्ट्र ने रखी मांग
नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले के अनुसार राज्यों के बीच निर्धारित जल हिस्से का आवंटन एक महत्वपूर्ण विषय है। महाराष्ट्र को कुल 10 टीएमसी पानी दिए जाने के प्रावधान में पांच टीएमसी पानी मोड़ नहर से और शेष पांच टीएमसी उकाई बांध से उपलब्ध कराने की व्यवस्था शामिल है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में इसी प्रावधान के अनुसार राज्य को पानी उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में महाराष्ट्र की ओर से नर्मदा परियोजना से संबंधित दायित्वों और पानी की उपलब्धता के विषय पर जानकारी भी दी गई। राज्य सरकार का पक्ष था कि न्यायाधिकरण के फैसले और पहले लिए गए निर्णयों के अनुरूप महाराष्ट्र को उस-का निर्धारित जल हिस्सा मिलना चाहिए। इस बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मांग के बाद केंद्रीय जल-शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल द्वारा दिए गए निर्देशों से महाराष्ट्र को उकाई बांध से पांच टीएमसी पानी उपलब्ध कराने का मुद्दा आगे बढ़ा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा और जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले भी उपस्थित थे।



