
टाइगर श्रॉफ केस में आरोपियों पर मकोका लागू
MCOCA invoked against the accused in the Tiger Shroff case
मुंबई: अभिनेता टाइगर श्रॉफ से संबंधित गोलीबारी मामले में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लागू किया है। इस कानून का उद्देश्य संगठित अपराध और आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। मामले की जांच कर रही अपराध शाखा अब इस कानून के तहत भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में प्रारंभिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) 19 अक्टूबर को दर्ज की गई थी। उस समय भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्रास्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ने के साथ मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने आरोपियों पर मकोका लगाने का कदम उठाया है।
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अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की अपराध शाखा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपियों की कथित भूमिका, मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों और घटनाक्रम की कड़ियों को लेकर जांच जारी है। हालांकि, मामले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उस के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के बारे में विस्तृत जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

क्या है मकोका
महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका संगठित अपराध से निपटने के लिए बना-या गया एक विशेष कानून है। इसका इस्तेमाल निर्धारित कानूनी शर्तों के पूरा होने पर संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में किया जा सकता है। इस कानून के तहत कार्रवाई होने से मामला गंभीर कानूनी प्रक्रिया के दायरे में आता है। हालांकि, मकोका लागू किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपियों का अपराध साबित हो गया है। मामले में दोष तय करने का अधिकार अदालत के पास है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा इस गोलीबारी मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। फिलहाल, इस प्रकरण में 11 लोगों की गिरफ्तारी और आरोपियों पर मकोका लागू किए जाने की कार्रवाई महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और पुलिस की आधिकारिक जानकारी के आधार पर मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।



