Nepal Flood: 1127 लोगों की मौत, 4900 लापता; राहत-बचाव अभियान जारी
Floods Wreak Havoc in Nepal: 1,127 Dead, 4,900 Missing; Relief and Rescue Operations Underway
नेपाल: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1127 हो गई है, जबकि करीब 4900 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और मलबे के कारण बचाव एवं राहत कार्यों में मुश्किलें लगातार बनी हुई हैं।

हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के खिसकने से आई तबाही
बताया जा रहा है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के ढहने तथा हिमस्खलन जैसी घटनाओं के बाद आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को बुरी तरह प्रभावित किया। कई इलाकों में सड़कें और संपर्क मार्ग मलबे से अवरुद्ध हो गए हैं, जबकि बिजली और जल आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
PM बालेंद्र शाह ने जलवायु परिवर्तन को लेकर जताई चिंता
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संसद की प्रतिनिधि सभा को संबोधित करते हुए इस त्रासदी को हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु जोखिमों की गंभीर चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि इस आपदा ने हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सामने बढ़ते प्राकृतिक जोखिमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रधानमंत्री शाह के मुताबिक विशेषज्ञों ने इस आपदा को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ और चट्टानों के खिसकने तथा हिमस्खलन से जोड़कर देखा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के साथ हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम भी बढ़ रहा है।
तीन जिलों में भारी तबाही, राहत अभियान तेज
प्रधानमंत्री शाह ने बताया कि रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों को तीन महीने के लिए संकटग्रस्त घोषित किया है। पीड़ित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता मंजूर की गई है और घायलों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
विस्थापित लोगों के लिए भोजन और आश्रय की व्यवस्था की जा रही है। सेना और सुरक्षा एजेंसियों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री पहुंचाने का अभियान जारी है।
लगातार बारिश से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित
बचाव दल जोखिम वाले क्षेत्रों से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। सड़क मार्गों को खोलने का काम भी जारी है। हालांकि, रसुवा और नुवाकोट में लगातार बारिश के कारण तलाशी और बचाव अभियान में बाधाएं आ रही हैं।
स्थानीय और प्रांतीय प्रशासन बिजली, पेयजल और परिवहन संपर्क को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए प्रयास कर रहा है।
भारत ने नेपाल को भेजी राहत सहायता
नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियान के बीच भारत ने भी हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। नेपाल में भारत के राजदूत के मुताबिक राहत एवं बचाव सामग्री लेकर भारत का पांचवां विमान नेपाल पहुंचा है।
इस विमान में विशेष सुरंग बचाव उपकरणों से लैस 11 सदस्यीय बचाव दल और करीब 5.5 टन आवश्यक दवाएं भेजी गई हैं।
प्रधानमंत्री शाह ने बताया कि नेपाल को भारत, चीन, अमेरिका, जापान, एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों एवं बहुपक्षीय संस्थाओं से सहायता और समर्थन प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री राहत कोष में अब तक 7 अरब नेपाली रुपये से अधिक की राशि एकत्र होने की जानकारी भी दी गई है।
दुनिया के लिए गंभीर जलवायु चेतावनी
नेपाल की इस त्रासदी ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु और आपदा जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री शाह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और आपदा प्रबंधन के लिए साझा जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया है।



