केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को धमकी पर बढ़ी चिंता, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
Concerns mount over threat to Union Minister Chirag Paswan; party delegation submits memorandum to Bihar DGP.
पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर चिंता बढ़ गई है। मामले को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को एक ज्ञापन सौंपते हुए धमकी से जुड़े मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने DGP को सौंपा ज्ञापन
पार्टी की ओर से डीजीपी के समक्ष चिराग पासवान को कथित तौर पर दी गई धमकी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और धमकी देने वाले व्यक्ति या संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से बिहार में चिराग पासवान की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यकता के अनुसार उसे मजबूत करने की मांग रखी।
विधायक राजू तिवारी ने उठाया सुरक्षा का मुद्दा
मामले को लेकर पार्टी के विधायक राजू तिवारी ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। ऐसे में उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
राजू तिवारी ने कहा कि चिराग पासवान बिहार में लगातार राजनीतिक और सार्वजनिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि धमकी देने के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
पार्टी ने मामले की गंभीरता से जांच की मांग की
पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मुलाकात के दौरान पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की। साथ ही यह भी कहा गया कि धमकी की वास्तविकता और उसके पीछे मौजूद लोगों का पता लगाया जाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पार्टी नेताओं के मुताबिक, किसी जनप्रतिनिधि या केंद्रीय मंत्री को धमकी दिया जाना गंभीर विषय है और इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पुलिस प्रशासन को मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पार्टी ने जताई चिंता
चिराग पासवान की सुरक्षा को लेकर पार्टी की मांग ऐसे समय सामने आई है, जब वे बिहार की राजनीति में लगातार सक्रिय हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय राष्ट्रीय नेता और केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। फिलहाल प्रतिनिधिमंडल की ओर से डीजीपी को सौंपे गए ज्ञापन के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर बनी हुई है। धमकी से जुड़े तथ्यों की जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।



