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SIR Campaign पर कांग्रेस ने उठाए सवाल,CEO को पत्र लिखकर रखी ये मांगें

Congress raises questions regarding SIR in Maharashtra; demands a transparent process for the removal of names from the voter list.

मुंबई: महाराष्ट्र में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) अभियान के बीच मतदाता सूची को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस ने मांग की है कि SIR अभियान के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर किए गए मतदाताओं के नामों को लेकर दावे, आपत्तियां और आवश्यक कार्रवाई के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा समयसीमा में बड़ी संख्या में मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में परेशानी हो सकती है।

प्रदेश कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट संदेश कोंडविलकर ने इस संबंध में राज्य के Chief Electoral Officer (CEO) को पत्र लिखकर समयसीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से कहा है कि 30 सितंबर तक का समय पर्याप्त नहीं है, इसलिए दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर की जानी चाहिए।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाने पर सवाल

कांग्रेस की ओर से दावा किया गया है कि SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 21.14 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर किए गए हैं। पार्टी ने इस आंकड़े को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की स्थिति में प्रत्येक प्रभावित मतदाता को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है।

कांग्रेस ने केवल हटाए गए नामों पर ही सवाल नहीं उठाया है, बल्कि ड्राफ्ट लिस्ट में नए शामिल किए गए मतदाताओं को लेकर भी संदेह व्यक्त किया है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।

सुनवाई की प्रक्रिया आसान बनाने की मांग

एडवोकेट संदेश कोंडविलकर ने अपने पत्र में दावा-आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया को भी सरल बनाने की मांग की है। कांग्रेस के मुताबिक बड़ी संख्या में आम मतदाताओं के लिए जटिल प्रक्रिया, दस्तावेजों की आवश्यकता और सीमित समय के कारण अपने अधिकारों की रक्षा करना मुश्किल हो सकता है।

पार्टी ने मांग की है कि प्रभावित मतदाताओं को आसान और सुलभ तरीके से दावा या आपत्ति दाखिल करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, जिन मामलों में सुनवाई आवश्यक है, वहां प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि आम नागरिक बिना अनावश्यक परेशानी के अपना पक्ष रख सकें।

पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने पर जोर

प्रदेश कांग्रेस ने SIR अभियान के दौरान मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों को लेकर पूर्ण पारदर्शिता की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है और किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया और पर्याप्त अवसर दिए हटाया नहीं जाना चाहिए। कांग्रेस ने Chief Electoral Officer से आग्रह किया है कि दावे-आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और प्रभावित मतदाताओं को पर्याप्त अवसर दिया जाए।

कांग्रेस की इन मांगों पर चुनाव प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। खास तौर पर 30 सितंबर की मौजूदा समयसीमा को बढ़ाकर 30 नवंबर करने की मांग पर चुनाव आयोग का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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