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Railway Kavach 4.0: मुरादाबाद डिविजन के 712 रूट KM पर होगा विस्तार

Railway Kavach 4.0: Expansion to cover 712 route kilometers of the Moradabad Division.

नई दिल्ली/मुरादाबाद: भारतीय रेलवे ने ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। रेलवे ने नॉर्दर्न रेलवे के मुरादाबाद डिविजन में बचे हुए 712 रूट किलोमीटर रेलमार्ग पर आधुनिक कवच 4.0 ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाने की तैयारी तेज कर दी है। इस परियोजना के लिए करीब 170 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। परियोजना के पूरा होने के बाद इस रेल खंड पर ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सिग्नलिंग सिस्टम को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

712 रूट किलोमीटर पर होगा कवच 4.0 का विस्तार

रेलवे के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा की एक अतिरिक्त और प्रभावी परत तैयार करना है। मुरादाबाद डिविजन के जिन रेलमार्गों पर अभी कवच सिस्टम का विस्तार बाकी है, वहां कवच 4.0 की तकनीक स्थापित की जाएगी।

रेलवे नेटवर्क पर ट्रेनों की संख्या और संचालन की गति बढ़ने के साथ आधुनिक सुरक्षा तकनीक की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कवच 4.0 का विस्तार ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या है कवच 4.0?

कवच भारत में विकसित स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है। यह ट्रेन के संचालन के दौरान लगातार उसकी गति, सिग्नल और निर्धारित संचालन सीमा पर नजर रखने में मदद करता है। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से मानवीय या सिग्नल संबंधी गलतियों की स्थिति में दुर्घटना के जोखिम को कम करना है।

यदि ट्रेन के सामने लाल सिग्नल हो और चालक के स्तर पर उसे पार करने का खतरा पैदा हो, तो कवच सिस्टम स्थिति के अनुसार हस्तक्षेप कर सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है। इसी तरह निर्धारित गति सीमा से अधिक गति होने की स्थिति में भी यह प्रणाली महत्वपूर्ण सुरक्षा भूमिका निभाती है।

हादसों के जोखिम को कम करने पर जोर

रेलवे में सिग्नल पास्ट एट डेंजर यानी लाल सिग्नल पार करने और ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियां ट्रेन संचालन के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं। कवच तकनीक का उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षा की अतिरिक्त व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

मुरादाबाद डिविजन के शेष 712 रूट किलोमीटर में कवच 4.0 लगाए जाने से इस क्षेत्र में ट्रेन सुरक्षा और सिग्नल व्यवस्था को तकनीकी रूप से और बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

देशभर में बढ़ाया जा रहा कवच का दायरा

भारतीय रेलवे अपने बड़े रेल नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों में कवच तकनीक के विस्तार पर लगातार काम कर रहा है। आधुनिक सिग्नलिंग और ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन तकनीक को बढ़ावा देने का उद्देश्य रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है।

मुरादाबाद डिविजन में 170 करोड़ रुपये की इस परियोजना को इसी व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। 712 रूट किलोमीटर में कवच 4.0 के विस्तार के बाद संबंधित रेल खंड पर ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर, कवच 4.0 का विस्तार भारतीय रेलवे के सुरक्षा आधुनिकीकरण अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वदेशी तकनीक के जरिए ट्रेन संचालन में संभावित मानवीय और सिग्नलिंग संबंधी जोखिमों को कम करने की कोशिश रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को नई तकनीकी मजबूती प्रदान कर सकती है।

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