सिंधुदुर्ग में समुद्र का कहर: ‘सागरिका’ नाव पलटी, दो मछुआरों की डूबने से मौत
Sea's fury in Sindhudurg: 'Sagarika' boat capsizes; two fishermen drown to death.
सिंधुदुर्ग/मालवन: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में बुधवार सुबह समुद्र में मछली पकड़ने गए मछुआरों के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। सिंधुदुर्ग किले के पीछे चट्टानी समुद्री क्षेत्र में अचानक आई एक बड़ी लहर की चपेट में आने से ‘सागरिका’ नाम की छोटी मछली पकड़ने वाली नाव पलट गई। हादसे में दो मछुआरों की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक युवक को स्थानीय मछुआरों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया।
सुबह करीब 7 बजे पलटी नाव
मिली जानकारी के अनुसार, मालवन के दांडी इलाके के रहने वाले सनमेश सुरेश परब (49), अक्षय हनुमंत राणे (30) और सुयोग सनमेश परब (22) बुधवार सुबह अपनी नाव ‘सागरिका’ से सिंधुदुर्ग किले के आसपास समुद्र में मछली पकड़ने के लिए गए थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 7 बजे सिंधुदुर्ग किले के पीछे चट्टानी इलाके में समुद्र में अचानक एक बड़ी लहर उठी। तेज लहर की चपेट में आने से छोटी नाव का संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। नाव पलटते ही तीनों मछुआरे समुद्र के गहरे पानी में जा गिरे।
स्थानीय मछुआरों ने सुयोग की बचाई जान
हादसे के बाद सुयोग सनमेश परब किसी तरह पानी में तैरते हुए अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पास से गुजर रही जयदेव लोन की नाव में मौजूद मछुआरों की नजर सुयोग पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मछुआरों ने सावधानीपूर्वक अपनी नाव सुयोग के पास ले जाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस त्वरित कार्रवाई के चलते सुयोग परब की जान बच गई।
सनमेश और अक्षय समुद्र में लापता
दूसरी ओर, हादसे के बाद सनमेश सुरेश परब और अक्षय हनुमंत राणे समुद्र में लापता हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय मछुआरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू की गई। तलाशी अभियान के दौरान सनमेश परब का शव कुछ ही देर में सिंधुदुर्ग किले के पास समुद्र में मिल गया। इसके बाद अक्षय राणे की भी तलाश जारी रखी गई और कुछ समय बाद उनका शव भी समुद्र से बरामद कर लिया गया।
शव मालवन ग्रामीण अस्पताल भेजे गए
स्थानीय मछुआरों ने दोनों शवों को समुद्र से बाहर निकालकर किनारे पहुंचाया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के लिए दोनों शवों को मालवन ग्रामीण अस्पताल भेज दिया गया है। इस हादसे से दांडी क्षेत्र के मछुआरा समुदाय में शोक का माहौल है। समुद्र में अचानक उठी बड़ी लहर के कारण हुए इस हादसे ने एक बार फिर मानसून और खराब समुद्री परिस्थितियों के दौरान मछुआरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।



