नेपाल में राहत-बचाव अभियान तेज, भारत ने भेजा पांचवां राहत विमान
Relief and rescue operations intensify in Nepal; India sends fifth relief flight.
नई दिल्ली: नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियानों के बीच भारत ने एक बार फिर मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाया है। नेपाल में प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और आवश्यक चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए भारत की ओर से पांचवां विमान रवाना किया गया है। इस विमान में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विशेष रूप से तैयार 11 सदस्यीय बचाव दल के साथ 5 टन से अधिक आवश्यक दवाएं भेजी गई हैं।
भारत की ओर से यह सहायता ऐसे समय में पहुंचाई जा रही है, जब नेपाल में राहत और बचाव कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत बनी हुई है। भारतीय एजेंसियां और बचाव दल स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में योगदान दे रहे हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साझा की जानकारी
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारत की ओर से भेजी गई सहायता की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि नेपाल के लिए राहत और बचाव सामग्री लेकर पांचवां भारतीय विमान रवाना हो गया है। विमान में 11 सदस्यीय बचाव दल और 5 टन से अधिक जरूरी दवाएं शामिल हैं।
भारत की ओर से लगातार सहायता भेजे जाने को दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग और पड़ोसी देश के प्रति प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है। आपदा या संकट की स्थिति में भारत पहले भी नेपाल को राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दल उपलब्ध कराता रहा है।
चिकित्सा सहायता पर विशेष जोर
इस राहत अभियान में आवश्यक दवाओं की बड़ी खेप भेजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। राहत कार्यों के दौरान प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता होती है। ऐसे में 5 टन से अधिक आवश्यक दवाओं की आपूर्ति से स्थानीय स्तर पर मेडिकल राहत व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं, 11 सदस्यीय बचाव दल की तैनाती से खोज एवं बचाव अभियान को भी अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। प्रशिक्षित बचावकर्मी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार राहत कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।
भारत-नेपाल के बीच मानवीय सहयोग मजबूत
नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक संबंध रहे हैं। ऐसे में संकट की घड़ी में भारत की ओर से लगातार सहायता पहुंचाना दोनों देशों के बीच सहयोग की भावना को दर्शाता है। पांचवें भारतीय विमान के रवाना होने के साथ भारत ने यह स्पष्ट किया है कि नेपाल में चल रहे राहत और बचाव अभियानों में वह हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में जमीनी स्थिति और आवश्यकता के आधार पर राहत एवं चिकित्सा सहायता को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।



