भिवानी में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल
Disaster management mock drill in Bhiwani

हरियाणा ,भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी में गुरुवार को आपदा प्रबंधन एवं बचाव को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। NDRF और SDRF की संयुक्त टीम ने भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में त्वरित बचाव और राहत कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान बोर्ड के अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आपदा के शुरुआती समय में सतर्कता और सही निर्णय बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. शंकर लाल धूपड़ ने कहा कि भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदा के दौरान जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए जागरूकता और व्यावहारिक प्रशिक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से विभागों की तैयारियों को परखने और संभावित कमियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलती है।
अभ्यास के दौरान विशेषज्ञों ने भूकंप के झटके महसूस होने पर घबराने के बजाय शांत रहने और मजबूत मेज या ढांचे के नीचे ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ तकनीक अपनाने की जानकारी दी। झटके रुकने के बाद निर्धारित निकासी मार्ग से सुरक्षित खुले स्थान पर जाने का भी प्रदर्शन किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि आपदा की स्थिति में स्थानीय लोगों की सजगता और त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है। ऐसे नियमित मॉक ड्रिल से कर्मचारियों और आमजन में आपदा प्रबंधन की समझ, आत्मविश्वास और बचाव क्षमता मजबूत होती है।
भिवानी में आयोजित NDRF-SDRF की यह मॉक ड्रिल आपदा के समय सजगता, संयम और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भूकंप जैसी अचानक आने वाली आपदा में सही प्रशिक्षण और सुरक्षित निकासी की जानकारी जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम कर सकती है। ऐसे अभ्यासों से न केवल सरकारी तंत्र की तैयारियों की समीक्षा होती है, बल्कि आमजन और कर्मचारियों में भी आपदा से निपटने का आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ती है।



